-थाना शहर पुलिस ने फर्जी जाति प्रमाण-पत्र के प्रयोग के आरोप में किया था केस दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष काजल देशवाल पर जालसाजी के केस में गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए सेशन कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की है। जिस पर सोमवार को सुनवाई की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलील सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया। अब मंगलवार को इस पर फैसला होगा।
थाना शहर की पुलिस ने जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष ज्योति शर्मा के पति प्रदीप शर्मा की शिकायत पर फर्जी जाति प्रमाणपत्र बनवाने और इसके आधार पर आरक्षित वार्ड-13 से जिला परिषद के सदस्य का चुनाव लड़ने के आरोप लगाए थे। पुलिस ने इसमें आईपीसी की 420, 467,468 और 471 धारा में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इसमें अब तक काजल की गिरफ्तारी नहीं की है। आरोप है कि काजल देशवाल सामान्य वर्ग से संंबंध रखती हैं, जबकि उन्होंने कहार जाति के फर्जी बीसी प्रमाणपत्र पर नामांकन किया था। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की। एडीसी ने उनका बीसी-ए जाति का प्रमाणपत्र रद्द कर दिया था। पंचायत विभाग के निदेशक ने 27 जून को काजल देशवाल की सदस्यता रद्द कर दी थी। प्रदीप शर्मा ने बताया कि काजल ने गिरफ्तारी के डर से अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। वहीं काजल के पति संदीप देशवाल ने बताया कि वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करेंगे।