स्वास्थ्य विभाग एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस) पॉजिटिव युवक और युवतियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इनकी शादी करा रहा है। पानीपत में अब तक तीन जोड़े परिणय सूत्र में बंध चुके हैं और खुशी की बात यह है कि सभी अपने वैवाहिक जीवन में खुश हैं। बीमारी से लड़ते हुए आम इंसान की तरह अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने एचआईवी मैरिज डॉट कॉम वेबसाइट की दो वर्ष पहले शुरुआत की थी। जिसमें एचआईवी पॉजिटिव अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और एचआईवी संक्रमण की मौजूदा स्थिति को बताकर अपने लिए जीवनसाथी खोज सकते हैं। शादी के बाद इन जोड़ों के बच्चे भी सामान्य हों और उनमें माता-पिता के जरिए एचआईवी संक्रमित न हो, इसके लिए ट्रीटमेंट भी दिया जाता है। इस वक्त जिले मेें 819 एचआईवी पॉजिटिव हैं, जिनमें से लगभग 350 अविवाहित हैं। डॉक्टर इन्हें जागरूक कर रहे हैं, पानीपत से तीन जोड़ों का विवाह कराने में स्वास्थ्य विभाग को कामयाबी मिली है। स्वास्थ्य विभाग एचआईवी पॉजिटिव युवक-युवतियों को परिजनों को कॉल कर रिश्ता कराने में सहायता कर रहा है।
जिले में एड्स पीड़ितों का आंकड़ा
पानीपत में फिलहाल 819 एचआईवी पॉजिटिव केस स्वास्थ्य विभाग के पास उपचाराधीन हैं, जिसमें 398 महिलाएं और 374 पुरुष शामिल हैं। एक ट्रांसजेंडर भी एचआईवी पॉजिटिव है। इसके अलावा 46 बच्चे एचआईवी पॉजिटिव हैं। 40 पॉजिटिव मरीजों की मौत भी हो चुकी है।
अब रोहतक रेफर नहीं किए जाते मरीज
पानीपत स्वास्थ्य विभाग ने एड्स रोगियों की सिविल अस्पताल में ही जांच और उनकी रिपोर्ट देने के बाद यहीं पर इलाज शुरू कर दिया है। रिपोर्ट आने के बाद रोगियों की काउंसिलिंग होती है। पहले रोगियों को रिपोर्ट लेकर रोहतक भेजा जाता था। वहीं से मरीजों को दवा मिलती थी। अब सिविल अस्पताल में ही ये सेवा शुरू कर दी गई है।
विभाग एचआईवी पॉजिटिव को मुख्य धारा में जोड़ने का कर रहा प्रयास : रविंद्र कुमार
स्वास्थ्य विभाग ने अब तक तीन पॉजिटिव जोड़ों की शादियां कराई हैं। ये जोड़े खुशहाल जीवन जी रहे हैं। बच्चे पॉजिटिव न हों, इसके लिए पहले ही महिलाओं को दवाएं दी जाती हैं, फिर जन्म के 72 घंटे के अंदर बच्चे को नवेपाप्रिन दवा दी जाती है, जिससे बच्चा संक्रमित नहीं होता है।
-रविंद्र कुमार, काउंसलर, एचआईवी विंग, स्वास्थ्य विभाग