जेल प्रशासन जिला कारागार से दो बंदियों के फरार होने के बाद एक्शन में आ गया और सख्त कदम उठाते हुए एक हैड वार्डर व एक वार्डर को सस्पेंड कर विभागीय जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा जेल प्रशासन ने कमियों को दूर करते हुए बंदियों के मुलाकात का सामान बंद कर दिया है। वहीं जेल प्रशासन व पुलिस ने दोनों बंदियों को पकड़ने के लिए कई जगह छापेमारी की, लेकिन किसी तरह की सफलता नहीं मिला। जेल सुपरिंटेंडेंट ने पुख्ता प्रबंध कर फरार बंदियों को जल्द ही दबोचने का दावा किया है।
जेल प्रशासन ने जिला जेल से फरार दो शातिर बंदियों के फरार होने के बाद सोमवार को सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की और हैड वार्डर रमेश कुमार निवासी अराइपुरा करनाल व वार्डर सुलतान सिंह निवासी जुंडला करनाल से पूछताछ की। जेल प्रशासन ने इस मामले में दोनों की लापरवाही मिली और दोनों को सस्पेंड कर दिया। अधिकारियों ने दोनों की मामले से जोड़कर जांच शुरू कर दी।
दोनों वार्डरों की यहां रही गलती
जिला कारागार में दोनों बंदियों के फरार होने में अंदर की कमियां सोमवार को सामने आई। बताया जा रहा है कि कारागार में एक नया बंदी आया था। यहां पर एक वार्डर को तलाशी के लिए जाना था, लेकिन हैड वार्डर रमेश कुमार व वार्डर सुलतान सिंह दोनों एक साथ चले गए। दोनों बंदी इसी मौके पर का फायदा उठाकर फरार हो गए।
यह उठाया कदम
जेल प्रशासन ने दो बंदियों के फरार होने के बाद सख्त कदम उठाए हैं। अधिकारियों ने बंदियों को मुलाकात में दिए जाने वाला सामान बंद कर दिया है और यहां पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध कर दिए हैं। जेल के बाहर एक कर्मी तैनात कर दिया है।
भागे बंदी तो गिनवाने लगे मजबूरियां
जेल अधिकारी दोनों कैदियों के फरार होने के बाद व्यवस्था सुधारने का दावा करने के साथ अपनी मजबूरियों को भी गिनवाने लगे। जेल के उपाधीक्षक यश कुमार ने बताया कि जेल में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए है, लेकिन जेल में अभी बुर्ज की कमी है। अगर जेल के चारों तरफ बुर्ज हों तो बुर्ज में तैनात जेल वार्डर बंदियों पर नजर रख सकते हैं। इसी का फायदा उठाकर बंदी फरार हो गए।
वर्जन
जेल से दो फरार बंदियों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया है और एक हैड वार्डर व एक वार्डर को लापरवाही मिलने पर सस्पेंड कर दिया है। दोनों बंदियों को जल्द ही काबू कर लिया जाएगा। इसके अलावा जेल में मुलाकात का सामान व समय बंद कर दिया है।
हरेंद्र सिंह, अधीक्षक, जिला कारागार, पानीपत।
यह है मामला
बता दें कि रविवार दोपहर बाद करीब दो बजे जिला कारागार से दो बंदी दीपक निवासी कालू पीर और इंद्रवीर निवासी गांव आसन कलां दीवार फांदकर फरार हो गए थे। उन्होंने जेल के तीसरे बंदी दिनेश की मदद से भागने में सफलता पाई। बताया जा रहा है कि उन दोनों ने दूध की खाली कैरेट दीवार के साथ लगा ली और करीब दस फीट ऊंची दीवार व पांच फीट ऊंचे जाल से कूदकर फरार हो गए। डीजीपी जेल परविंद्र राय देर रात को पानीपत पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली। ये दोनों बंदी पानीपत में लूट की एक वारदात के आरोपी थी और दोनों को सीआईए-वन व एंटी स्नेचिंग स्टाफ ने पांच सितंबर को ही गिरफ्तार किया था।