जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से एक बार फिर नेशनल हाइवे-44 पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पानीपत हवेली और स्वर्ण महल के कागज पूरे नहीं मिलने पर सोमवार को सील किया कर दिया गया। झट्टीपुर स्थित हवेली और स्वर्ण महल के मालिक ने सीएलयू ली है, लेकिन इनके पास ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट नहीं है।
डीटीपीओ ललित कुमार ने बताया कि सीएलयू लेने के बाद दो साल के दौरान ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट लेना जरूरी होता है जोकि इनके पास नहीं था। जिसके लिए इन्हें पानीपत जिला नगर योजनाकार विभाग की ओर से नोटिस भी दिया गया था। नोटिस देने के बाद सोमवार को कार्रवाई करते हुए करीब दो घंटे में ताले लगाकर हवेली और स्वर्ण महल के कंपाउंड को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अगर पानीपत हवेली ऑक्युपेशन सर्टिफिकेट ले लेती है तो सील को खोल दिया जाएगा। उन्होंने ने होटल के मैनजेर को सील तोड़ने पर दी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं डीटीपीओ ने बताया कि चौटाला रोड पर कई अवैध निर्माण कार्य हो रहे थे, उन पर भी कार्रवाई की गई। हाइवे पर दो ढाबों को भी 15 दिन का नोटिस दिया गया है अगर इस दौरान ढाबा मालिक अपने कागज पूरे नहीं करते हैं तो उनको को भी गिराया जाएगा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अनिल कौशिक और पुलिस बल इस दौरान मौजूद रहा।
ऐसे मिलता है आक्यूपेशन सर्टिफिकेट
खाली प्लॉट पर नक्शा पास होने के बाद भवन निर्माण किया जाता है। भवन निर्माण नियमों के अनुसार बना है तो विभाग आक्यूपेशन सर्टिफिकेट जारी करता है। अगर भवन नियमों के अनुसार नहीं बना है तो उसको आक्युपेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाता है। बिना आक्युपेशन सर्टिफिकेट भवन को इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। बिना ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट के सरकारी पानी और सीवरेज का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। सीएलयू के बाद एनओसी जारी की जाती है।