संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। यमुना नदी की भूमि के सीमा विवाद पर गेहूं की कटाई को लेकर हरियाणा और यूपी के किसानों का शुक्रवार को एक बार फिर से विवाद गहरा गया है। हरियाणा के गांव संजोली के किसान प्रशासन के साथ गेहूं कटाई के लिए पहुंचे तो मौके पर यूपी टांडा के किसान यूपी पुलिस को लेकर पहुंच गए। हरियाणा के किसानों ने गेहूं की फसल अपनी जमीन पर बता कर उसे काटने की कोशिश की तो यूपी के किसानों की ओर से तुरंत यूपी बडौत पुलिस के सीओ संदीप कुमार, एसएचओ कुलदीप सिंह ने हरियाणा के किसानों को पकड़ कर गाड़ी में डालना चाहा। इस पर हरियाणा बापौली थाना एसएचओ अतर सिंह ने संजोली के किसानों पप्पू रावल पूर्व सरपंच को छुड़वा लिया
शुक्रवार सुबह 11 बजे हरियाणा के गांव संजौली के पास यमुना तटबंध के अंदर करीब 50 एकड विवादित भूमि से गेहूं की फसल काटने को लेकर यूपी के गांव टांडा और पानीपत के गांव संजौली के किसान भारी संख्या में आमने-सामने हो गए। दोनों प्रदेशों के किसान उस विवादित जमीन पर अपना-अपना हक जता रहे थे और कहने लगे कि उस फसल उनकी है। झगड़े की आशंका के चलते दोनों प्रदेशों से प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया।
दोनों प्रदेशों के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने अपने-अपने प्रदेश के किसानों को शांत रहने की अपील की और किसानों को भरोसा दिया कि उनके साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा। राजस्व विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिसकी जमीन होगी उसी को गेहूं काटने दिया जाएगा। पानीपत प्रशासन की तरफ से बीडीपीओ बापौली शक्ति सिंह, नायब तहसीलदार कैलाश चंद्र, कानूनगो नरेश कुमार व राजेश, पटवारी मुकेश व मनीष और बापौली थाना प्रभारी अतर सिंह भारी पुलिस के साथ मौजूद रहे। जबकि यूपी प्रशासन की तरफ से बडौत के एसडीएम अमन कुमार वर्मा, सीओ संदीप कुमार, छपरौली थाना प्रभारी कुलदीप सिंह सहित पुलिस बल मौजूद रहा।
एसडीएम समलाखा कार्यालय में 28 को बैठक
दोनों प्रदेशों के किसानों और प्रशासनिक अधिकारियों की सहमति बनी कि समालखा एसडीएम के कार्यालय में 28 अप्रैल को दोनों प्रदेशों के राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक होगी। बैठक इस विवादित भूमि के रिकाॅर्ड का जांच की जाएगी। बैठक में दोनों प्रदेशों के किसान भी मौजूद रहेंगे। राजस्व विभाग के रिकार्ड के अनुसार जिस भी प्रदेश के किसानों की वह जमीन होगी, उसी को गेहूं की फसल को काटने की इजाजत दी जाएगी।
यूपी के किसान कहना चाह रहे कब्जा : रावल
इस दौरान पानीपत किसान भवन के प्रधान सूरजभान रावल ने कहा कि यूपी के किसान पानीपत के किसानों की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। पानीपत के प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को यूपी के किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। नायब तहसीलदार कैलास चंद्र का कहना है कि विवाद हल न होने पर 28 अप्रैल को दोनों ओर के प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक कर भूमि संबंधी रिकार्ड का मिलान पर गेहूं कटाई विवाद का हल निकाला जाएगा।