पानीपत। हरियाणा-उत्तर प्रदेश सीमा विवाद सुलझाने के लिए प्रशासन तैयार हो गया है। इसका स्थायी समाधान निकालते हुए पिलर लगाने का फैसला लिया गया है। दोनों प्रदेशों के राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में पहले जमीन की पैमाइश की जाएगी। इसके बाद प्रशासन अपनी देखरेख में पिलर लगाएगा।
बता दें कि पानीपत में उत्तर प्रदेश की सीमा करीब 40 किलोमीटर लगती है। इसे लेकर उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र दहिया ने बृहस्पतिवार को जिला सचिवालय के प्रथम तल स्थित काॅन्फ्रेंस हाॅल में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने मुख्य सचिव संजीव कौशल के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में हुई चर्चाओं पर अधिकारियों के साथ बातचीत की। कांफ्रेंसिंग में राजस्व विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश खुल्लर सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित थे। उपायुक्त ने बताया कि यूपी-हरियाणा सीमा विवाद को दूर करने के लिए पिलर तैयार किए जा रहे हैं। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी। इसका सारा रिकॉर्ड सर्वे ऑफ इंडिया के पास है। इस मौके पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विवेक चौधरी, एसडीएम समालखा अमित कुमार, डीडीपीओ सुमित चौधरी मौजूद रहे।
वीसी में स्वामित्व योजना के तहत बाकी प्रॉपर्टी कार्ड का वितरण करने के साथ लालडोरा मुक्त गांवों में डीड रजिस्ट्रेशन का कार्य जल्द पूरा करने के आदेश दिए। अधिकारियों ने कहा कि पानीपत जिले में कार्य संतोषजनक हैं, लेकिन लालडोरा मुक्त गांवों में डीड रजिस्ट्रेशन के कार्य बाकी हैं। इसमें तेजी लानी होगी और निर्धारित समय में उसे पूरा भी कराना होगा। उपायुक्त ने कहा कि प्लाॅट और मकानों की प्राॅपर्टी आईडी बन गई हैं तो उनके प्रॉपर्टी कार्ड के काम को भी आगे बढ़ाएं। जिला प्रशासन डीड रजिस्ट्रेशन के लिए भी लोगों को जागरूक कर रहा है।
हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमा को लेकर लंबे समय से विवाद है। यमुना में पानी के बहाव से मिट्टी कटाव के चलते ऐसा होता है। किसान अपना हक पाने के लिए एक दूसरे के सामने हथियार तक उठा लेते हैं। इन गांवों में कई बार गोली भी चली है। गेहूं बुवाई और कटाई के समय इस तरह के विवाद ज्यादा होते हैं। इसका बड़ा कारण सीमा निर्धारण न हो पाना माना जाता है।