पानीपत। क्षेत्रीय परिवहन (आरटीए) कार्यालय में एक सितंबर से नकद भुगतान पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा। वाहन मालिक व चालकों को रजिस्ट्रेशन, लाइसेंस, टैक्स, परमिट, चालान समेत किसी भी फीस का भुगतान डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ही करना होगा। इस संदर्भ में परिवहन आयुक्त ने पत्र जारी कर दिया है।
बता दें कि आरटीए कार्यालय में दलालों की शिकायत कई बार हो चुकी है। इन लोगों का कार्यालय में दखल होने से भ्रष्टाचार की भी आशंका रहती है। सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए सरकार ई-पेमेंट को बढ़ावा दे रही है। इससे पहले भी सरकार यह नियम लागू कर चुकी है। लोगों ने ई-पेमेंट करने में परेशानी होने का दावा किया तो 20 हजार रुपये तक की धनराशि का नकद भुगतान करने की छूट दी गई। इसे सरकार ने अब खत्म पूरी तरह खत्म कर दिया है।
सरकारी कार्यालयों में दलालों का बोलबाला है। कर्मचारी भी दलालों के काम को प्राथमिकता देते हैं। फीस की आड़ में दलाल फाइल संबंधी काम कराने के लिए कर्मचारी को रिश्वत भी थमा देते हैं। चर्चा यह भी है कि दलालों के साथ कर्मचारियों ने 500 से 1000 रुपये तक का रेट प्रति फाइल के हिसाब से तय कर रखा है।
आरटीए कार्यालय में काम कराने आए ट्रांसपोर्टर विजय, राकेश, सुमित, महाबीर ने बताया कि काम कराने के एवज में दलाल मनमाने रुपये मांगते हैं। जानकारी के अभाव में खुद काम कराने में परेशानी होती है। सरकार को दलालों के काम के रेट तय कर उन्हें लाइसेंस देने चाहिए ताकि ट्रांसपोर्टरों को राहत मिले।
कार्यालय में दलालों के आवागमन पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। आईडी चेक करने के बाद ही लोगों की फाइल ली जाती है। ई-पेमेंट से लोगों को काफी फायदा मिलेगा। कैश का झंझट पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
- नीरज जिंदल, आरटीए पानीपत।