पानीपत। वार्ड-छह के बबैल रोड स्थित गुरुनानकपुरा में एक माह के बाद एक बार फिर डीटीपी का पंजा चला। टीम ने कॉलोनी की महिला और अन्य लोगों के विरोध के बीच एक फैक्टरी के 15 क्वाटर व एक कोठरे को गिरा दिया। डीटीपी की टीम ने फैक्टरी मालिक और सर्विस स्टेशन संचालक को कब्जा हटाने की चेतावनी दी है। डीटीपी की कार्रवाई के चलते कई श्रमिक बेघर हो गए। अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को हाईकोर्ट के आदेश के तहत उठाया गया कदम बताया है। वार्ड पार्षद और कॉलोनीवासियों ने शहर के अन्य हिस्सों के कब्जे को अनदेखा करने का आरोप लगाया है।
डीटीपी की टीम शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे वार्ड-छह के बबैल रोड स्थित गुरुनानकपुरा कॉलोनी में पहुंची। ड्यूटी मजिस्ट्रेट एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी की अगुवाई में डीटीपी अरविंद ढुल ने पुलिस की मदद से कब्जे हटाने शुरू किए। इसकी सूचना मिलते ही जिला पार्षद देव मलिक, निगम पार्षद पति संजीव कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने ड्यूटी मजिस्ट्रेट और डीटीपी से बात की, लेकिन उन्होंने सुनवाई नहीं की। वे इसके बाद डीसी डॉ. चंद्रशेखर खरे से मिलने पहुंचे। उनके न मिलने पर पार्षदों ने फोन पर बात की और पूरे मामले की जानकारी दी। डीसी ने मौके पर पहुंचे अफसरों से बात करने की सलाह दी। जिला पार्षद और निगम पार्षद वहां से सीधे कॉलोनी पहुंचे। वहां ड्यूटी मजिस्ट्रेट और एसडीएम गौरव कुमार से बात की। अधिकारियों ने दोनों पार्षदों की मांग पर मौका मुआयना किया। अधिकारियों ने बताया कि हाईकोर्ट ने कब्जा हटाने के आदेश दिए हैं। कार्रवाई की रिपोर्ट 29 सितंबर तक पेश करनी है। डीटीपी की टीम ने करीब 350 वर्ग गज में बने 15 क्वार्टरों और एक कंडम कोठरे को गिरा दिया। इसके बाद आगे की कार्रवाई को विरोध के चलते रोकना पड़ा।
जेसीबी के आगे खड़ी हो गईं महिलाएं, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की
डीटीपी की टीम क्वार्टरों को गिराने के लिए आगे बढ़ी तो महिलाएं और कॉलोनीवासी जेसीबी के आगे खड़े हो गए। उन्होंने जेसीबी को आगे नहीं बढ़ने की चेतावनी दे डाली। महिलाओं के विरोध को देखते हुए अधिकारियों को पुलिस का सहारा लेना पड़ा। महिला पुलिस आगे आई तो महिला उनके साथ धक्का-मुक्की तक करने लगी। पुलिस के सख्त होने पर महिला पीछे हट गई और डीटीपी की टीम ने अपनी कार्रवाई की।
यह है मामला
मामलेे के अनुसार, अशोक चानना ने शिकायत दी है कि गुरुनानकपुरा कॉलोनी का काफी हिस्सा सरकारी गोहर में है। उसके लिए आगे खेतों में जाने का रास्ता नहीं है। हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन को कब्जा हटवाकर सरकारी गोहर का रास्ता खाली कराने के निर्देश दिए थे। जिला प्रशासन ने पिछले दिनों कॉलोनी में कब्जा हटवाने का प्रयास किया था। लेकिन, कॉलोनी के लोग विरोध में उतर आए थे। प्रशासन विरोध के कारण कुछ कब्जे ही हटवा सका था। इसके बाद मामला शांत हो गया था। कॉलोनीवासी सुप्रीम कोर्ट में जाने को लेकर वकीलों से संपर्क कर रहे थे, लेकिन उनको दोबारा कार्रवाई का अंदेशा नहीं था।
कई लोग हो गए बेघर
फैक्टरी के क्वाटरों पर पीला पंजा चलने के बाद कई श्रमिकों के परिवार बेघर हो गए। इन लोगों को अपना सामान उठाकर सुरक्षित स्थानों की तरफ जाना पड़ा। श्रमिक और कॉलोनी के लोगों में इसको लेकर चिंता बनी रही।
पार्षद पति का आरोप, गुरुनानकपुरा ही क्यों दिखाता है
निगम के वार्ड-छह पार्षद संजीता के पति संजीव ने प्रशासन पर मनमर्जी से कार्रवाई करने के आरोप लगाए हैं। संजीव ने बताया कि अधिकारियों को पूरे शहर में गुरुनानकपुरा ही क्यों दिखाई देता है। भैंसवाल रोड समेत शहर के अन्य कई हिस्सों में बिना अनुमति के फैक्टरी और मकान बनाए जा रहे हैं। प्रशासन को उन्हें भी हटाना चाहिए।
हाईकोर्ट के आदेश पर गुरुनानकपुरा में कब्जा हटवाया गया है। कार्रवाई के दौरान एक फैक्टरी में करीब 15 क्वार्टर और एक कोठरे को गिरा दिया गया। फैक्टरी मालिक और एक सर्विस स्टेशन संचालक को जगह खाली करने की चेतावनी दी है। डीटीपी 29 सितंबर को कार्रवाई रिपोर्ट पेश करेगा।
अरविंद ढुल, डीटीपी, पानीपत।