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हथियारबंद निहंग पहुंचे गुरुद्वारे, टकराव टला

Tue, 13 Sep 2016 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर।
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यमुनानगर - फोटो : यमुनानगर
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यमुनानगर। लोहगढ़ गुरुद्वारे को लेकर सिखों में बन रही टकराव की स्थिति टल गई है। सैकड़ों हथियारबंद निहंगों के साथ यमुनानगर आए बाबा बुड्ढा दल मुखी बलबीर सिंह ने सोमवार को डीसी व प्रशासन के अधिकारियों के साथ बंद कमरे में बात की। बाद में मुखी ने लोहगढ़ किले के लिए सरकार द्वारा शुरू किए गए प्रोजेक्ट पर खुशी जताते हुए प्रशासन व बाबा बंदा सिंह बहादुर हेरिटेज डेवलेपमेंट फाउंडेशन को सहयोग की बात कही। लोहगढ़ पहुंचे बाबा बुड्ढा दल मुखी ने गुरुद्वारे के सेवादार निहंग अजमेर सिंह की जगह जयमल सिंह को गुरुद्वारे की सेवा संभाल सौंपी। बाबा बुड्ढा दल मुखी के जिले में हथियारबंद निहंगों के साथ आने के कारण पुलिस प्रशासन चौकन्ना हो गया और किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद रहा।
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मुखी बलबीर सिंह सुबह करीब 11 बजे यमुनानगर पहुंचे। उनके साथ दर्जनों गाड़ियों में 100 से अधिक हथियारबंद निहंग भी थे। मुखी बलबीर सिंह, थड़ा साहिब जौड़िया के महंत कर्मजीत सिंह व बाबा बंदा सिंह बहादुर हेरिटेज डेवलेपमेंट फाउंडेशन के चेयरमैन गुरविंद्र सिंह ने डीसी निवास पहुुंचकर उनके साथ कमरे में काफी देर तक बात की। बाद में पत्रकारों से बातचीत में मुखी बलबीर सिंह ने कहा कि इस मामले को लेकर कुछ गलतफहमी थी, जो अब दूर हो गई हैं। सरकार व प्रशासन सिखों की पहली राजधानी लोहगढ़ को नया रूप देेने में जुटा है, जो कि प्रशंसा योग्य है।

जरूरत पड़ी तो गुरुद्वारा होगा शिफ्ट
इसके बाद बाबा बुड्ढा दल मुखी बलबीर सिंह गुुरुनानक गर्ल्स कॉलेज पहुंचे। यहां सिख संगत के समक्ष उन्होंने लोहगढ़ गुरुद्वारे को लेकर उपजे तनाव के माहौल पर बात की। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ बात की थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया है कि कुछ भी गलत नहीं होने दिया जाएगा। मुखी ने कहा कि लोहगढ़ किले को प्रदेश सरकार पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है। इस किले के साथ सिखों का अतीत जुड़ा है और यह सिख साम्राज्य की पहली राजधानी रहा है। यदि सरकार इसकी ओर ध्यान दे रही है तो बाबा बुड्ढा दल भी सरकार और संगत के साथ है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो हम संगत की सहमति से इस गुरुद्वारे को आसपास शिफ्ट करने को तैयार हैं, लेकिन गुरुद्वारे की सेवा संभाल निहंग सेवादार ही करेंगे। मुखी ने कहा कि उन्हें पता चला है कि लोहगढ़ गुरुद्वारे का एक सेवादार यहां सरकार द्वारा करवाए जा रहे काम को रुकवाने के लिए कोर्ट से स्टे लेने की तैयारी कर रहा था, जो कि गलत है। उन्होंने लोहगढ़ में विकास कार्य करवा रहे डीडीपीओ गगनदीप सिंह की सराहना की। यहां से बाबा बुड्ढा दल मुखी अपने काफिले के साथ लोहगढ़ रवाना हुए।
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लौहगढ गुरुद्वारे के सेवादार अजमेर सिंह को हटाया
बिलासपुर। अपने लाव लश्कर के साथ लोहगढ़ पहुंचे बुड्ढा दल मुखी बाबा बलबीर सिंह ने लोहगढ़ गुरूद्वारा से सेवादार अजमेर सिंह की छुट्टी कर दी। उन्हें किसी दूसरी छावनी देने का निर्णय लिया। वहीं, कपालमोचन तंबू शाह गुरुद्वारा के सेवादार हरनेक सिंह को सेवादार जयमल सिंह के साथ गुरूघर की सेवा सौंपी। बाबा बलबीर सिंह एक घंटे से अधिक समय तक रुके। उनके साथ बड़ी संख्या में सिख संगत लोहगढ़ पहुंची। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल मौजूद रहा। बाबा बलबीर सिंह ने गुरुद्वारे का पूरा मुआयना किया। उन्होंने सेवादारों को कहा कि यहां आने जाने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई तंगी नहीं होने दी जाए। इस दौरान डीएसपी आदर्शदीप सिंह, डीएसपी बिलासपुर सुभाष चंद, डीडीपीओ गगनदीप सिंह, एसएचओ गगन कुमार के अलावा बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
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