पानीपत। देशबंधु गुप्ता राजकीय कॉलेज में इतिहास विभाग के सहायक प्रोफेसर को पर्यावरण संरक्षण का ऐसा चाव लगा कि घर और कॉलेज में बगिया बना दी।
प्रोफेसर दलजीत कुमार पिछले 11 साल से प्रदेश के विभिन्न स्कूल, कॉलेज और जरूरत के स्थान पर हर्बल मेडिटेशनल बगिया बना रहे हैं और लोगों को पर्यावरण बचाव के लिए जागरूक कर रहे हैं।
हर्बल बगिया बनाने पर दलजीत कुमार को ग्रीनमैन की उपाधि मिल चुकी है और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न अवार्ड देकर सम्मानित किया जा चुका है। ग्रीनमैन प्रोफेसर दलजीत कुमार ने बताया कि उन्हें बचपन से ही बगिया बनाने की शौक रहा है। इसलिए उन्होंने अपने घर पर हर्बल मेडिटेशनल बगिया बना रखी है। अब वे पानीपत के देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। प्रत्येक महीने अपनी आमदनी का 15 प्रतिशत वातावरण के लिए दान कर रहे हैं। सामाजिक तौर पर उन्होंने 11 साल पहले बगिया लगाना शुरू किया था। अब तक वे देश के लगभग 80 कॉलेज में जाकर युवाओं को पर्यावरण बचाव के लिए जागरूक कर चुके हैं। करनाल, कैथल, इंद्री, नरवाला, पंचकूला के राजकीय कॉलेज, पानीपत के जिला नागरिक अस्पताल, शूगर मिल, एनएफएल, देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय में बगिया लगा चुके हैं और युवाओं व आस-पास के लोगों को बगिया लगाकर पर्यावरण संरक्षण में भूमिका अदा करने के लिए जागरूक कर रहे हैं। हर्बल मुहिम चलाने के लिए उन्हें ग्रीनमैन की उपाधि से भी नवाजा गया है।
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बगिया में लगा रहे लगभग 30 तरह के अलग-अलग पौधे
ग्रीनमैन दलजीत कुमार ने बताया कि बगिया में फ्रूट के पौधे, बरगद, पीपल, नीम, जंगल जलेबी, चंपा, कमलकंदा, बादाम आदि के लगाए जाते हैं। मेडिटेशनल पौधे भी लगाए जाते हैं। छह प्रकार की तुलसी लगाई जाती है। सफेद मुंगफली, इलायची, हिंग, आवला आदि के पौधे भी बगिया में लगाए जाते हैं। इसराना के राजकीय कॉलेज व पानीपत के देशबंधु गुप्ता राजकीय महाविद्यालय में लगभग 120 तरह के अलग-अलग पौधे लगाए गए हैं। वे जगह के अनुसार पौधों की संख्या रखते हैं। एक बगिया में लगभग 30 पौधे तो जरूर लगाए जाते हैं। यदि बगिया के लिए जगह कम है तो छोटे आकार के पौधे लगाए जाते हैं।