पीड़ित परिवार से बातचीत करती बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता
पानीपत। सनौली रोड स्थित एक गांव में नाना अपनी नाबालिग नाती की शादी कर रहा था। बाल विवाह की सूचना पर अधिकारी मौके पर पहुंची और शादी को रुकवाया। अधिकारी ने वीरवार को दोनों पक्षों को कोर्ट में पेश किया और बाल विवाह पर पूर्व रूप से रोक लगा दी।
बाल विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि उनके पास 23 नवंबर को सूचना आई थी कि सनौली रोड स्थित एक गांव में बाल विवाह हो रहा है। सूचना पर वह गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार से युवती के दस्तावेज मंगाए तो परिवार आयु से संबंधित दस्तावेज पेश नहीं कर पाए जिस पर उन्होंने शादी रुकवा दी। पूछताछ में सामने आया था कि 15 वर्षीय नाबालिग करनाल क्षेत्र की रहने वाली है। वह दसवीं कक्षा तक पढ़ी है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। ऐसे में उसका नाना उसकी शादी करवा रहा था। बारात बराना गांव से आनी थी, लेकिन फोन पर रुकवा दी गई। वीरवार को नाना, मां, नाबालिग युवती और लड़के को चीफ ज्यूडिशरी मजिस्ट्रेट संदीप चौहान की कोर्ट में पेश किया, जहां लड़की पक्ष ने बयान दर्ज कराए कि वें युवती की 18 साल की होने तक शादी नहीं करेंगे। जिसके बाद कोर्ट ने शादी पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी है। वहीं 24 वर्षीय युवक ने बताया कि उसके पिता की मौत हो चुकी है, उसकी मां की सेवा के लिए वह शादी कर रहा था।