पानीपत। जिले की मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन पीआर धान की सरकारी खरीद अब तक शुरू नहीं हो पाई है। पिछले कई दिनों से खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे किसानों की परेशानी मौसम बदलने से और बढ़ गई है। मंडियों में धान खुले में पड़ा है और बारिश की संभावना के चलते किसान अपने स्तर पर तिरपाल की व्यवस्था कर रहे हैं। दूसरी ओर, शनिवार को 1509 धान के भाव में करीब 150 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट दर्ज की गई। इसका अधिकतम भाव 4070 रुपये प्रति क्विंटल रहा।
सरकारी खरीद के लिए न तो नियमित रूप से गेट पास कट रहे हैं और न ही पोर्टल पूरी तरह शुरू हो पाया है। हालांकि शनिवार शाम ऑनलाइन गेट पास कटने की सूचना मिली, लेकिन पोर्टल धीमी गति से चलने के कारण किसानों और आढ़तियों को राहत नहीं मिल सकी। अभी मंडियों में गेट पास ऑफलाइन काटे जा रहे हैं।
मंडी सचिव के अनुसार जिले में अब तक करीब 1.20 लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। वहीं, बारिश की आशंका को देखते हुए आढ़तियों ने किसानों से अगले तीन दिन तक मंडियों में धान नहीं लाने की अपील की है, ताकि खुले में पड़ा धान भीगने से बच सके।
मंडी में अव्यवस्था, स्थिति खुद बयां कर रहे हालात
अनाज मंडी में सफाई और पानी निकासी की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। मंडी में जगह-जगह घास उगी हुई है, जबकि चहारदीवारी के पास पानी खड़ा है। कचरे के ढेर भी व्यवस्थाओं की पोल खोल रहे हैं। ऐसे में बारिश होने पर मंडी में पहले से मौजूद पानी और धान के ढेर किसानों की मुश्किल बढ़ा सकते हैं।
वर्जन-1-
अनाज मंडी में पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। जगह-जगह घास उगी हुई है और कचरे के ढेर लगे हैं। सरकार की ओर से मंडी में पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। हालात बदहाली के आंसू बहा रहे हैं। बारिश हुई तो किसानों और आढ़तियों की परेशानी और बढ़ जाएगी।
- धर्मवीर मलिक, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन, पानीपत।
वर्जन-2-
मंडी में अब तक करीब 1.20 लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। गेट पास फिलहाल ऑफलाइन काटे जा रहे हैं। शनिवार शाम ऑनलाइन गेट पास के लिए पोर्टल खोल दिया गया है। खरीद प्रक्रिया शुरू होने से संबंधित निर्देशों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी।
- आशा, सचिव, मार्केट कमेटी, पानीपत।
अनाजमंडी परिसर में उगी घास व पसरा कचरा।
अनाजमंडी परिसर में उगी घास व पसरा कचरा।