पानीपत। सिविल अस्पताल में मीटिंग करते हुए डॉक्टर।
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पानीपत। प्रदेश में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए। सरकारी डॉक्टरों को पीजी में दाखिले के लिए 40 प्रतिशत कोटा मिलना चाहिए, ताकि वे पीजी कर सकें। सरकार को डॉक्टरों के हितों की रक्षा करनी चाहिए। यह बात हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएसए) के जिला अध्यक्ष डॉ.राजीव मान ने कही। वह सिविल अस्पताल में एचसीएमएसए की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक में एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. जसबीर परमार ने भी शिरकत की। मीटिंग में पांच दिसंबर को करनाल में होने वाली मीटिंग के बारे में चर्चा की गई। एचसीएमएसए सरकार को अपनी मांगों पर घेरने की तैयारियों में जुटी है। एसोसिएशन ने मांगें न मानने पर सरकार के खिलाफ प्रदेश स्तरीय आंदोलन खड़ा करने का मन बना लिया है। एचसीएमएसए अपनी मांगों को लेकर 23 नवंबर को डीसी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन सौंप चुकी है।
बैठक में डॉ.मान ने आरोप लगाते हुए कहा कि पे-स्केल के मामले में चिकित्सकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। एसोसिएशन ने अन्य राज्यों की तर्ज पर चार, नौ, 13 व 20 सालों में क्रमश: पहली, दूसरी, तीसरी और चौथी सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन(एसीपी) की मांग की गई थी। इसके अलावा एचसीएमएस चिकित्सकों को स्पेशल पैकेज या विशेषज्ञ चिकित्सकों को अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिए जाने की मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष-2019 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल से प्रदेश कमेटी के पदाधिकारियों की वार्ता हुई थी, मांग को स्वीकार कर लिया था। फाइनेंस विभाग को पे-स्केल दुरुस्त करने की बात कही थी लेकिन आज तक मंजूरी नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार सीनियर मेडिकल ऑफिसर (एसएमओ) के रिक्त पद भरने के लिए सीधी भर्ती कर रही है। यह पहले से नौकरी कर रहे चिकित्सा अधिकारियों के हक पर कुठाराघात की तरह है। बैठक में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. कर्मबीर चोपड़ा, डॉ. वीरेंद्र ढांडा, डॉ. लाभ सिंह, डॉ. केतन भारद्वाज, डॉ. कविता, डॉ. रितू, डॉ. प्रदीप, डॉ. राघवेंद्र, डॉ. रिंकू सांगवान, डॉ. शशिलता व डॉ. अमित कुमार आदि मौजूद रहे।