पानीपत। प्रशासन की सख्ती के बाद भी सरकारी एजेंसी धान की उठान को लेकर गंभीर नहीं हैं। जिले की बाबरपुर को छोड़ कई मंडियों में गत पांच दिन से एजेंसी की खरीद और उठान ठप है। ऐसे में मंडियों में धान की बोरिया लगी हुई हैं। किसानों को उठान के बिना राशि नहीं मिल सकती। इन सबके चलते आढ़तियों व किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं प्राइवेट मिलर धान खरीदने के साथ उठान तेज कर रहे हैं।
जिले की छह मंडियों में धान खरीद का कार्य चल रहा है। यहां अब तक 140475 मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है। इसमें से 135826 मीट्रिक टन की खरीद की गई है। करीब 125000 मीट्रिक टन का उठान किया गया है। पांचों मंडियों में अब पीआर किस्म की धान करीब 20550 मीट्रिन टन पहुंची है। हैफेड और एचडब्ल्यूसी एजेंसी ने 17580 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। इसमें से 7200 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। बाकी 10380 मीट्रिक टन धान मंडियों में पड़ी है। किसान राजबीर और हरपाल ने बताया कि पीआर धान की सरकारी रेट पर खरीद की जा रही है। मंडी में पहले दिन से ही धान की खरीद सुस्त है। इसमें करीब 24 दिन बाद भी तेजी नहीं आई है। अब भी पूरी धान नहीं खरीदी जा रही है। इसके अलावा उठान भी गति नहीं पकड़ पा रही है।
धान की उठान के बिना किसानों को पेमेंट नहीं मिल सकती। त्योहारी सीजन में परिवार में खर्च बढ़ जाते हैं। अब 10 दिन बाद दिवाली है। ऐसे में किसानों को त्याेहार की भी चिंता सताने लगी है। आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने कहा कि प्रशासन और सरकार मंडियों में धान की खरीद को लेकर इतनी गंभीर नहीं हैं।