फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: गोवर्धन महाराज, महाराज तेरे माथे मुकुट सजाय रह्यो... भजन पर झूमे श्रद्धालु

Sat, 30 May 2026 01:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
विज्ञापन
सनातन धर्म मंदिर में भजन-कीर्तन करती महिलाएं। स्रोत : सभा - फोटो : Self
विज्ञापन
पानीपत। गोवर्धन महाराज, महाराज तेरे माथे मुकुट सजाय रह्यो... भजन पर झूमे श्रद्धालु। मौका रहा शुक्रवार को मॉडल टाउन स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर सभा में पुरुषोत्तम मास कथा के 13वें दिन का।
विज्ञापन

कथाव्यास पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा के अलौकिक प्रसंग से अंहकार के त्याग का संदेश दिया। उन्होंने भगवान कृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं और गोवर्धन पूजा के प्रसंग के माध्यम से अहंकार त्याग और भक्ति की विजय का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि पुरुषोत्तम मास में भगवान की लीलाओं का श्रवण करने से मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं।
पंडित बृजकिशोर शास्त्री ने गोवर्धन धारण और इंद्र के अहंकार मर्दन का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि भगवान कृष्ण ने ब्रजवासियों को प्रकृति की पूजा करना सिखाया। जब देवराज इंद्र ने अपने अहंकार में आकर ब्रज पर मूसलाधार बारिश की, तब प्रभु ने अपनी कनिष्ठ उंगली छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर पूरे ब्रज की रक्षा की। यह प्रसंग हमें सिखाता है कि परमात्मा हमेशा अपने भक्तों की रक्षा करते हैं, बशर्ते हमारा समर्पण निश्छल हो। कथा के विश्राम पर शास्त्री ने भजन गोवर्धन महाराज, महाराज तेरे माथे मुकुट सजाय रह्यो.. गाया जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर होकर नृत्य करने लगे।
विज्ञापन

मंदिर सभा के प्रधान तरुण गांधी ने कहा कि संस्कारों का सिंचन इस पुरुषोत्तम मास में कथा का आयोजन कराने का मुख्य उद्देश्य हमारी युवा पीढ़ी को सनातन धर्म के संस्कारों और संस्कृति से जोड़ना है। पंडाल में शीतल जल और प्रसाद की उचित व्यवस्था की गई है। कथा के विश्राम पर भगवान कृष्ण और गोवर्धन की दिव्य आरती उतारी गई। इसके बाद मंदिर सभा के पदाधिकारियों ने सभी भक्तों में माखन-मिश्री और छप्पन भोग का महाप्रसाद वितरित किया।
विज्ञापन

सनातन धर्म मंदिर में भजन-कीर्तन करती महिलाएं। स्रोत : सभा- फोटो : Self

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें