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Panipat News: पानीपत, यमुनानगर को इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा की सौगात

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पानीपत। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रविवार को पहले चरण में पानीपत और यमुनानगर को इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस की सौगात दी, जबकि पंचकूला, अंबाला, सोनीपत रेवाड़ी, करनाल, रोहतक और हिसार में जल्द ही संचालन शुरू करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने रविवार को पानीपत के सिवाह गांव स्थित नए बस स्टैंड में नारियल तोड़कर इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस की शुरुआत की। उन्होंने यात्रियों के लिए सिटी बस को एक सप्ताह के लिए निशुल्क चलाने की घोषणा की।
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उन्होंने कहा कि लोगों को प्रदूषण मुक्त प्रदेश बनाने के लिए निजी वाहनों को छोड़कर सार्वजनिक परिवहन को अपनाना चाहिए। इससे न सिर्फ प्रदूषण पर अंकुश लगेगा बल्कि परिवहन सस्ता और सुलभ होगा। बस में कुछ दूर तक सफर कर उन्होंने इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा को सुविधाजनक बताया। इस दौरान उन्होंने चलती बस में चाय की भी चुस्की ली। कहा कि अन्य बसों में ब्रेकर आने पर गाड़ी में सवारी उछल जाती है, लेकिन इलेक्ट्रिक बस में ब्रेकर पर भी झटके महसूस नहीं होते। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बसों की निविदा के लिए सीईएसएल (कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के तहत एक इकाई) को अपना सलाहकार नियुक्त किया है। साथ ही इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा के प्रबंधन और संचालन के लिए हरियाणा सिटी बस सर्विसेज लिमिटेड के नाम से एक अलग निगम की स्थापना भी की गई है।
इस मौके पर राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पवार, सांसद संजय भाटिया, शहरी विधायक प्रमोद विज, भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. अर्चना गुप्ता, जिलाध्यक्ष दुष्यंत भट्ट, जिला परिषद चेयरपर्सन ज्योति शर्मा, निदेशक राज्य परिवहन सीजी रजनी कांथन, डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, एसपी अजीत सिंह शेखावत, जीएम रोडवेज कुलदीप जांगड़ा मौजूद रहे।
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भाजपा ने तीन सी को खत्म किया, चौथे को जनता स्वयं कर देगी : मनोहर
इलेक्ट्रिक सिटी बस सर्विस सेवा के शुभारंभ पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कांग्रेस का नाम लिए बगैर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में बस संस्थान निर्माण कार्य में बड़ा भ्रष्टाचार किया जाता था। इस कारण उन्होंने अपनी सरकार बनते ही झज्जर में पहले बस संस्थान का उद्घाटन किया था। इसमें अनुमानित लागत में पांच से छह करोड़ रुपये की बचत की थी। भाजपा ने प्रदेश से तीन-सी को खत्म कर दिया है। अब प्रदेश की जनता चौथे सी को खुद खत्म कर देगी।


बसों के 12 वर्ष के अनुबंध पर 2450 करोड़ की आएगी लागत
सीईएसएल द्वारा राष्ट्रीय ई-बस योजना के तहत किए गए एक वैश्विक टेंडर के बाद 12 मीटर की 375 बसों के लिए ऑर्डर दिया था, जिनका उपयोग विभिन्न जिलों में परिचालन के लिए किया जाएगा। इसके तहत 450 बसें खरीदी जाएंगी। ये सबसे आधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें होंगी, जिन्हें मेसर्स जेबीएम इकोलाइफ मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड से सकल अनुबंध लागत मॉडल पर 12 वर्ष के लिए खरीदा गया है। इस मॉडल के तहत बस के ड्राइवर को उपलब्ध कराना और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना विक्रेता का जिम्मा रहेगा। उक्त नौ शहरों में से पानीपत और जगाधरी (यमुनानगर) में मौजूदा डिपो को मोडीफाई किया गया है और परिचालन शुरू किया जा रहा है। अन्य सात स्थानों पर नए डिपो का निर्माण किया जा रहा है। 100 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से प्रत्येक के लिए तीन एकड़ भूमि पर यह कार्य किया जा रहा है, जहां परिचालन आगामी 30 जून तक शुरू होगा। 450 बसों के लिए 12 वर्षों में संचालन की लागत लगभग 2450 करोड़ रुपये आएगी।


एजेंसी से कराई रूट की प्लानिंग
परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क ने कहा कि इन शहरों में रूट प्लानिंग एक विशेषज्ञ एजेंसी डीआईएमटीएस (दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम लिमिटेड) से कराई गई है। यह एजेंसी सिटी बस सेवाओं की स्थापना और संचालन के लिए सेवाएं भी दे रही है। इन बसों में टिकटिंग इलेक्ट्रॉनिक तरीके से की जाएगी। यात्रियों की सहायता के लिए बसों में डिस्प्ले बोर्ड और पीए सिस्टम से घोषणाएं होंगी। इन बसों का लाभ शहरी आबादी को ही नहीं, बल्कि जिले की ग्रामीण आबादी को भी मिलेगा। बस सेवा प्रत्येक शहर के आस-पास के गांवों में भी जाएगी। इस परियोजना को परिवहन विभाग द्वारा जुलाई 2022 से जनवरी 2024 तक 18 महीने के रिकॉर्ड समय में लागू किया गया है।
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