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Panipat News: सरकारी और प्राइवेट अस्पताल में चल रहा लेन देन का खेल

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पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल और बरसत रोड स्थित आधार अस्पताल के डॉक्टरों के बीच मरीजों के इलाज और लेन देन का बड़ा खेल चल रहा है। दोनों के बीच की चेन तीन महीने में दूसरी बार टूटी है। पहले भी अल्ट्रासाउंड सेंटर व जिला नागरिक अस्पताल से मरीजों को बेहतर इलाज के लिए आधार अस्पताल में ले जाने और उनसे मनमर्जी का बिल वसूलने के आरोप में एक केस दर्ज है। डॉक्टर इसमें जमानत पर था। अब पीएनडीटी इंचार्ज और क्लर्क के साथ पैसों के लेन देन का खेल सामने आ गया है।
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जानकारों की माने तो इस खेल में कई और अधिकारी व प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर के नाम भी सामने आ सकते हैं। डॉक्टर ने पकड़े जाने के डर से दो लाख रुपये गत्ते के डिब्बे में भी फेंक दिए थे, लेकिन हाथों पर लगे पाउडर से बच नहीं पाए। उन पर यह दूसरा मुकदमा दर्ज है। एंटी करप्शन ब्यूरो की कैथल और अंबाला की संयुक्त टीम ने आधार अस्पताल पर इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक की शिकायत पर कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता मूल रूप से कैथल के कलायत का रहने वाला है। आधार अस्पताल के संचालक डॉ. विशाल मलिक ने उनका यहां सेंटर शुरू कराया था। सेंटर संचालक की पत्नी भी आधार अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ बताई गई हैं। दोनों की पुरानी पहचान है। इस बीच पीएनडीटी प्रभारी डॉ. पवन ने जनवरी माह में सेंटर का निरीक्षण किया था।
उन्होंने सेंटर की गतिविधियों पर शक जाहिर किया और मामला दबाने के नाम पर तीन लाख रुपये की मांग की। बाद में यह दो लाख रुपये में तय हुआ। सेंटर संचालक संजीव ने सबूत जुटाने शुरू कर दिए। पीएनडीटी प्रभारी डॉ. पवन ने पहले स्वयं और फिर क्लर्क नवीन कुमार के माध्यम से संजीव से संपर्क करना शुरू किया। संजीव डॉ. पवन को रिश्वत के पैसों के साथ रंगे हाथों पकड़वाना चाहता था, लेकिन उन्होंने पैसे आधार अस्पताल के संचालक डाॅ. विशाल मलिक को देने की बात कही। डॉ. विशाल मलिक ने वीरवार शाम को पैसे ले लिए और टीम को आते देख दो लाख रुपये गत्ते के डिब्बे में फेंक दिए। इसी तरह रेलवे स्टेशन स्थित अस्पताल के डॉक्टर को पिछले दिनों एसीबी ने बिल पास करने की एवज में रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया था।
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डीसी के आदेश पर पुलिस ने किया केस दर्ज
काबड़ी गांव निवासी राजेंद्र ने उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार को शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि 19 दिसंबर को सोनीपत के जागसी गांव निवासी उसका दामाद मोहित काबड़ी आ रहा था। मोहित का मतलौडा में एक्सीडेंट हो गया। उसको जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में दाखिल कराया था। यहां दो युवकों ने आकर बताया कि यहां कोई डॉक्टर नहीं हैं। घायल डॉक्टरों के इंतजार में तड़प कर मर जाएगी। वे घायल मोहित को एंबुलेंस में बरसत रोड स्थित आधार अस्पताल में ले गए। उनको अगले दिन 50 हजार रुपये का बिल थमा दिया। उन्होंने बिल ज्यादा बताया तो बिल न देने पर पुलिस के हवाले कर देने की धमकी दी। उनको दो दिन तक अस्पताल में बंधक बनाए रखा। तहसील कैंप थाना पुलिस ने इस मामले में धारा 342, 387, 120बी, 34 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इसमें आरोपी अस्पताल संचालक डॉक्टर विशाल मलिक को गिरफ्तार किया गया था।

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दिन में अल्ट्रासाउंड और शाम को इमरजेंसी में चलता है खेल
जानकारों की माने तो जिला नागरिक अस्पताल में एजेंट दिन रात घूमते रहते हैं। वे दिन के समय अल्ट्रासाउंड केंद्र और शाम के बाद इमरजेंसी के आसपास रहते हैं। अल्ट्रासाउंड मशीन खराब होने पर वे मरीजों को एंबुलेंस में सीधे बरसत रोड अस्पताल में ले जाते हैं। इसी तरह शाम के समय इमरजेंसी में आने वाले घायलों को मौत का डर दिखाकर अस्पताल ले जाते हैं।


वर्जन :
डॉ. पवन कुमार और क्लर्क नवीन कुमार को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है। एसीबी ने अगर कोई कार्रवाई की है तो इसमें आगामी कदम उठाया जाएगा। डॉ. पवन कुमार और क्लर्क के खिलाफ विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पिछले दिनों आधार अस्पताल के संचालक डॉ. विशाल मलिक पर एक मरीज से जबरन वसूली के आरोप लगे थे। इसमें पहले ही मुकदमा दर्ज है। अस्पताल में सबको नियमानुसार काम करने के आदेश दिए गए हैं। किसी की संलिप्तता मिलती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
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डॉ. जयंत आहुजा, सीएमओ, पानीपत।
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