पानीपत। फर्जी वेबसाइट बनाकर आईटीसी कंपनी के डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के नाम पर ठगों ने एक युवक को 1.70 लाख रुपये का चूना लगा दिया। उसने बताया कि वेबसाइट पर मेंबरशिप के लिए फार्म भरा था तो कॉल आई। जिले में आईटीसी के दो करोड़ तक के प्रोडक्ट सेल करने पर 20-35 प्रतिशत तक कमीशन देने की बात कही गई। वह इस झांसे में फंस गया और ठगों ने उससे रजिस्ट्रेशन फीस और एग्रीमेंट फीस के नाम पर यह रकम ठग ली। उसने आईटीसी कंपनी में मेल कर क्रॉस चेक किया तो ठगी का का खुलासा हुआ। शहर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हनुमान कॉलोनी निवासी महाबीर कुमार ने बताया कि वह आईटीसी कंपनी में लीड कंसलटेंट के पद पर कार्यरत है। उसने 12 मई को वेबसाइट www.itcbusinesssolutions.com पर आईटीसी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने के लिए आवेदन किया था। उसने अपने नाम, खाता संबंधित पूरी जानकारी और मोबाइल नंबर उसमें भरा। अगले दिन एजेंट ने फोन किया, जिसने अपनी पहचान संजय सिंह खटाना के रूप में बताई। उसने ऑफिशियल ई-मेल से काम शुरू करने के लिए उसके व पत्नी रितू के दस्तावेज (आधार कार्ड, पेन कार्ड और कैंसिल चेक) लिए। संजय ने कहा कि पानीपत में दो करोड़ तक प्रोडक्ट की सेल करने पर उसे कंपनी की तरफ से 20-35 प्रतिशत तक कमीशन दिया जाएगा। वह उनके झांसे में आ गया।
आरोपी ने अपने खाते में पहले रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 41500 रुपये अपने खाते में डलवाए। कुछ दिन बाद आरोपी फिर कॉल किया और 1 लाख 30 हजार 200 रुपये एग्रीमेंट फीस के नाम पर खाते में डलवाए।
महाबीर ने बताया कि ठग ने तीसरी बार कॉल किया और सिक्योरिटी के लिए पांच लाख रुपये फिर मांगे। इस पर उसे शक हुआ और उसने मना कर दिया। इसके बाद उसने उन्हें कॉल कर अपने 1.70 लाख रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने झूठा आश्वासन दिया कि 30 से 45 दिन के अंदर रुपये वापस आ जाएंगे। 35 दिन बाद भी रुपये वापस नहीं आए तो उसने पुलिस में शिकायत दी।
ऐसे हुआ ठगी का खुलासा
महाबीर ने बताया कि ठगों की तरफ से मांग रुपये मांगने पर उसने आईटीसी कंपनी के कार्यालय में फोन किया और आरोपियों की तरफ से मुहैया कराए गए आईटीसी के दस्तावेज को उनके सामने पेश किया। आईटीसी कंपनी के आनंद एंड आनंद ला फर्म ने उन दस्तावेज की जांच की तो वह फर्जी मिले। मैनेजर ने फोन कर उसे उपरोक्त वेबसाइट फर्जी होने का खुलासा किया और कहा कि उनकी तरफ से ऐसे कोई भी दस्तावेज जारी नहीं किए गए है और न ही कंपनी किसी डिस्ट्रीब्यूटर को ढूंढ रही है। इसके बाद उसने आरोपियों के नंबर पर कॉल बैक की तो वे सब नंबर बंद मिले।
ठगों ने यह दिया था झांसा
पीड़ित ने बताया कि वह भी आईसीटी कंपनी में काम करता है। वह कंपनी की तरफ से पानीपत में प्रोडक्ट डिस्ट्रब्यूटर बनना चाहता था। वह आवेदन करने के लिए वेबसाइट ढूंढ रहा था कि उसे उपरोक्त साइट दिखी। जो बिल्कुल असली वेबसाइट की तरफ डिजाइन कर रखी थी। उसे विश्वास हो गया। आरोपियों ने उसे झांसा दिया कि पानीपत में अभी तक कोई भी डिस्ट्रीब्यूटर नहीं है, वे उसे बना देंगे और पानीपत से किसी अन्य का भी आवेदन नहीं लेंगे। इस बात से वह खुश हुआ और उसने वहीं किया जो ठग कहते गए।
वर्जन
महाबीर की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है, आरोपी ठगों की तलाश की जा रही है, जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सुनील कुमार, शहर थाना प्रभारी