पानीपत। शहर थाना और तहसील कैंप थाना से महज 100 मीटर दूर बिशन स्वरूप कॉलोनी में अटल सेवा केंद्र और आधार केंद्र में फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और आयुष्मान कार्ड बनाने का गोरखधंधा पिछले चार साल से चल रहा था, लेकिन हर कोई आंखें बंद कर बैठा था। आईबी को इनपुट मिलने पर पुलिस एक्शन में आई। आरोपी पांच सौ से पांच हजार रुपये लेकर फर्जी दस्तावेज बनाते थे। आरोपी पुलिस से बेखौफ होकर उनकी नाक के नीचे ही गोरखधंधा चला रहे थे। यही कारण है कि इसमें अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में सामने आया कि आदर्श नगर निवासी साहिल पूरे खेल का मास्टरमाइंड है। उसने 2017 में बिशन स्वरूप कॉलोनी में अटल सेवा केंद्र का लाइसेंस लिया था। उसके बाद उसने अपना धंधा शुरू किया। वर्ष 2018 में उसने अपने साले नई अनाज मंडी घरौंडा निवासी रोहित जैन का अटल सेवा केंद्र खुलवाया। यह देवीलाल कॉम्प्लेक्स में नगर निगम कार्यालय के नजदीक है। उसके बाद 2019 में साहिल ने अपने दोस्त हरिनगर निवासी विजय के नाम से आधार सेवा केंद्र का लाइसेंस लिया। वह भी देवीलाल कॉम्प्लेक्स में संचालित है। विजय इस पर 12 हजार रुपये महीने की नौकरी करता था। वह पूरा खेल अपने लैपटॉप, स्कैनर और रंगीन प्रिंटर से खेलते थे। उन्हीं से फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को देते थे। अब पुलिस ने तीनों आरोपियों को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस तीनों आरोपियों के सेवा केंद्रों के लाइसेंस की भी जांच होगी, वह वैध या अवैध है।
तीनों केंद्रों पर एक दिन की एक से डेढ़ लाख रुपये की कमाई
आरोपियों का फर्जी दस्तावेज बनाने का कोई तय रेट नहीं था। वह सामने वाले को देखकर रुपये मांगते थे। गरीब व्यक्ति दिखा तो उससे 100 रुपये और पैसे वाला दिखा तो उससे पांच हजार तक लेते थे। अनुमान लगाया जा रहा है कि आरोपी एक केंद्र पर प्रतिदिन 30 से 50 हजार रुपये तक कमाते थे। ऐसे में तीनों केंद्रों की कमाई एक लाख से डेढ़ लाख के बीच थी।
तुम्हे धक्के खाने की जरूरत नहीं, सब यहीं मिलेगा-
आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड समेत कई दस्तावेज बनवाने में वेरिफिकेशन होती है। जिसमें नंबरदार, पार्षद व पटवारी के हस्ताक्षर व मुहर की जरूरत होती है। भागदौड़ भरी जिंदगी में किसी के पास इन सभी के पास जाने का समय नहीं है। ऐसे में इनके सरल केंद्र पर आने वाले लोगों को आरोपी कहते थे कि आप को किसी भी पार्षद, नंबरदार व पटवारी के पास जाने की जरूरत नहीं है, इन सबके हस्ताक्षर वह करा लाएंगे। इसके लिए वह अलग से चार्ज लेते थे और खुद नकली मुहर लगाकर नकली दस्तावेज बनाकर उन्हें देते थे।
कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर को सीज कर जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेजा-
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच लैपटॉप, रंगीन प्रिंटर, स्कैनर, पीवीसी की मशीन, कंप्यूटर बरामद किए हैं। जिनको सीज कर चंडीगढ़ लैब भेजा जाएगा और आरोपियों के कंप्यूटर से पूरे काले धंधे की जानकारी एकत्रित की जाएगी। वह किस तरह फर्जी दस्तावेज बनाते थे, किस साइट का प्रयोग करते थे, इन सब की जानकारी जुटाई जाएगी। आरोपियों ने किन-किन लोगों के फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वोटर कार्ड आदि बनाए।
सरकारी दस्तावेज का बना रखा था फारमेट-
आरोपियों ने अपने लैपटॉप में फोटोशॉप के अंदर हर सरकारी दस्तावेज का फारमेट बना रखा था, जिस व्यक्ति को जिस दस्तावेज की आवश्यकता होती थी, उसे बनाकर दे देते थे। उन्हें किसी सरकारी अधिकारी की अनुमति की आवश्यकता नहीं होती थी।
वर्जन :
पुलिस ने तीनों आरोपियों से पूछताछ तेज कर दी है। इनसे गिरोह का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए दूसरे जिलों में भी संपर्क किया जा रहा है।
-मयंक मिश्रा, एएसपी।