गांव रेर कलां के पूर्व सरपंच देशराज पर ग्राम पंचायत के पैसे में गबन का आरोप साबित होने के बाद उन्हें यह राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश जारी हुुए थे। इन आदेशों की सरपंच द्वारा अवमानना करने पर जिला प्रशासन ने पूर्व सरपंच के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है। जिसमें पुलिस ने रविवार को पूर्व सरपंच के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं आज तक गांव बोहली में गबन के पांच आरोपियों को भी पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है और न ही उनसे गबन की राशि वसूली गई है। गौरतलब है कि गांव रेर कलां में देशराज 2010 से 2015 मे ग्राम सरपंच थे। इस दौरान उन्होंनें गांव के विकास कार्यों के नाम पर पंचायती खजाने से 1 करोड़ 17 लाख 34 हजार 783 रुपये का गोलमाल कर दिया था। जिसके बाद ग्रामीणों की शिकायत पर सरपंच के खिलाफ जिला प्रशासन और बीडीओ मतलौडा ने कार्रवाई की। छानबीन में सरपंच पर इस करीब सवा करोड़ रुपये के गबन के आरोप सिद्ध हुए। जिसे बीडीओ ने इस राशि को 21 प्रतिशत सालाना ब्याज सहित जमा करवाने के आदेश जारी किए थे। लेकिन ब्याज की राशि की रिकवरी न होने पर बीडीओ ने पूर्व सरपंच को कई बार नोटिस भी भेजे, लेकिन सरपंच की तरफ से कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद बीडीओ ने इसकी शिकायत उपायुक्त को दी। एसएचओ विकास कुमार ने बताया कि उपायुक्त के आदेशों के बाद पूर्व सरपंच के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कर लिया गया है।
बोहली के गबन के आरोपियों की अब तक नहीं हो सकी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि गांव बोहली में भी इसी प्रकार का गबन देखने को मिला था। जिसमें विकास कार्यों के नाम पर करीब 14 करोड़ रुपये का गबन किया गया था। इस मामले में ग्राम सरपंच समेत पांच लोगों को नामजद कर इनसे यह राशि रिकवर करने के प्रयास भी किए गए। इसके बाद जिला प्रशासन की तरफ से इन पर पुलिस में मामला दर्ज कर गिरफ्तार करने के आदेश जारी हुए, लेकिन आज दो साल बाद भी इन आरोपियों में से कोई गिरफ्तार नहीं हो सका है, वहीं गबन की राशि तक रिकवर नहीं हो पाई है।