मतलौडा। मतलौडा अनाज मंडी के आढ़ती सतीश गर्ग, उनकी पत्नी और बेटे के खिलाफ धान खरीद और 17 करोड़ रुपये के लोन में धोखाधड़ी के आरोपों से जुड़े मामले को पुलिस जांच के बाद रद्द कर दिया गया है। पुलिस जांच में आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलने पर प्राथमिकी को कैंसिल कर दिया गया। पुलिस ने अदालत में रिपोर्ट पेश कर मामले को दफ्तर दाखिल करवा दिया है।
ब्रह्माण माजरा निवासी वेद प्रकाश ने 10 दिसंबर 2025 को मतलौडा थाना में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि आढ़ती सतीश गर्ग ने उसके साथ साझेदारी में इसराना अनाज मंडी में आढ़त की दुकान शुरू की थी।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तीन साल तक दुकान संचालन के दौरान धान खरीद के नाम पर मतलौडा स्थित सेंट्रल बैंक से करीब 17 करोड़ रुपये का ऋण लिया गया।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि चेकबुक पर पहले से हस्ताक्षर करवाकर ऋण राशि को विभिन्न व्यक्तिगत फर्मों में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके अलावा हिसाब मांगने पर धमकी देने के आरोप भी लगाए गए थे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने सतीश गर्ग, उनकी पत्नी रितू गर्ग, बेटे हर्षित गर्ग और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी व फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था।
दस्तावेजों और बैंक रिकॉर्ड की जांच के बाद कार्रवाई
आढ़ती सतीश गर्ग ने पुलिस के उच्च अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके बाद जांच अधिकारियों ने मामले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों और लेनदेन की विस्तृत जांच की।
पुलिस के अनुसार, जांच में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी। जांच में न तो कथित फर्जीवाड़े के प्रमाण मिले और न ही धमकी देने संबंधी कोई साक्ष्य सामने आया। इसके बाद पुलिस ने नियमानुसार प्राथमिकी रद्द कर दी।
आढ़ती सतीश गर्ग और उनके परिजनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस की विस्तृत और निष्पक्ष जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद नियमानुसार प्राथमिकी को रद्द कर दिया गया है। -राजेश कुमार, प्रभारी थाना पुलिस मतलौडा