पानीपत के समालखा
में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। शहर में डेंगू ने
अपने पैर पसारने शुरू कर दिए है। लेकिन विभाग की ओर से अब तक डेंगू के
बारे कोई कदम नहीं उठाए और न ही हलके में कोई फॉगिंग कराई है।
शहर के डेंगू
के चार संदिग्ध मामले सामने आए हैं। डेंगू से पीड़ित मरीज शहर के एक निजी
अस्पताल में उपचार करा रहे हैं। निजी अस्पताल के डॉ. ने उक्त लोगों को
संदिग्ध डेंगू होने की बात कही है।
इन दिनों विभाग की लापरवाही साफ
दिखाई दे रही है कि शहर में डेंगू के मरीज में लगातार वृद्धि हो रही है।
लेकिन विभाग के नजर में फिलहाल ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा।
लोगों का
कहना है कि डेंगू जैसी बीमारी से निपटने के लिए विभाग की ओर से क्षेत्र के
लोगों को न तो जागरूक किया और न ही शहर में दवा का छिड़काव किया। जिसके
चलते शहर मे डेंगू के डंक ने दस्तक देनी शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि
शहर में चार लोगों को संदिग्ध डेंगू होने का मामला प्रकाश में आने से
लोगों में विभाग के प्रति रोष है। डेंगू से पीड़ित मरीज शहर के एक निजी
अस्पताल में उपचार करा रहे है।
राजेंद्र निवासी नई अनाज मंडी, रविंद्र,
दुर्गा कालोनी निवासी इतिका और आहुलाना निवासी रणजीत के डेंगू का इलाज चल
रहा है।
एसएमओ डॉ. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि निजी अस्पताल के डाक्टर
को विभाग को सूचना देनी चाहिए थी। इसके बाद विभाग की ओस से उपचार की
व्यवस्था की जाती। एसएमओ ने शहर में डेंगू न होने की बात कहते हुए बताया कि
डेंगू जैसी बीमारी से निपटने के लिए क्षेत्र में लोगों को जागरूक किया जा
रहा है।