पानीपत। दिल्ली-पानीपत नमो भारत (आरआरटीएस) में पानीपत में चार स्टेशन और दो रेलवे सर्विस स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना में दिल्ली, सोनीपत, पानीपत और करनाल तक 135 किमी लंबा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर होगा। इस पर 21 हजार करोड़ का प्रस्ताव है। प्रोजेक्ट में 160 किमी प्रति घंटा की गति से ट्रेन दिल्ली से पानीपत के बीच चलेगी।
उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने इसके लिए मंगलवार को जिला सचिवालय सभागार में विशेष समीक्षा बैठक की। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ परियोजना की प्रगति, भूमि अधिग्रहण तथा प्रस्तावित स्टेशनों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपायुक्त डॉ. दहिया ने बताया कि दिल्ली-पानीपत-करनाल कॉरिडोर के अंतर्गत जिले में चार प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें समालखा स्टेशन, पानीपत आईएसबीटी सिवाह स्टेशन, पानीपत अंडरग्राउंड स्टेशन और सेक्टर-18 (फ्यूचर) स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा समालखा और पानीपत में आरएसएस (रेलवे सर्विस स्टेशन) के लिए भी भूमि चिह्नित की गई है। डिप्टी चीफ इंजीनियर शाहाबाद आलम ने बताया कि दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की डीपीआर को सभी संबंधित राज्य सरकारों द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है। दिल्ली सरकार ने मार्च 2024 और हरियाणा सरकार ने दिसंबर 2020 में इसे स्वीकृति प्रदान की थी। इसके अलावा 22 फरवरी 2022 को बैठक में कॉरिडोर के एलाइनमेंट को भी मंजूरी मिल चुकी है। केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के मंत्री और हरियाणा के मुख्यमंत्री की संयुक्त अध्यक्षता में इसका निर्णय लिया था। कॉरिडोर को एक ही चरण में विकसित किया जाना है। यह परियोजना क्षेत्र के परिवहन तंत्र को आधुनिक बनाने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति देगी।
जिले में स्टेशनों के लिए निजी, सरकारी और एचएसवीपी की जमीन शामिल हैं, इसके अतिरिक्त परियोजना के कास्टिंग यार्ड, रैंप और कट-एंड-कवर संरचनाओं के लिए भी भूमि की आवश्यकता तय की है। परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम किया जाए। नमो भारत कॉरिडोर बनने से यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होगी। इस मौके पर एसडीएम मनदीप कुमार, एसडीएम समालखा अमित कुमार, डीडीपीओ शक्ति सिंह, तहसीलदार सौरभ शर्मा व कैलाश मौजूद रहे।