पानीपत। जिले में पेपरलेस रजिस्ट्री शुक्रवार को सातवें दिन हो पाई। पानीपत तहसील में एक और समालखा में तीन रजिस्ट्री की गईं। पानीपत तहसील में चंदौली गांव के एक किसान ने डेढ़ एकड़ जमीन की रजिस्ट्री कराई है। यह रजिस्ट्री मोहिंद्र पाल और समुंद्र सिंह के नाम की। वहीं समालखा में प्लाॅटों की तीन रजिस्ट्री की। अगले सप्ताह से रजिस्ट्री तेज होने की उम्मीद है।
पानीपत समेत जिले की पांचों तहसील में 1 नवंबर को पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू की थी। 3 नवंबर सोमवार को पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू होने का अनुमान था लेकिन साॅफ्टवेयर में लगातार गलतियां आ रही थी। ऐसे में रजिस्ट्री नहीं हो पाई थी। पानीपत तहसील में शुक्रवार को भी पूरा दिन सन्नाटा पसरा रहा। दोपहर बाद चंदौली के एक किसान की डेढ़ एकड़ की रजिस्ट्री ऑनलाइन मिली। अधिकारियों ने इसका बारीकी से मुआयना किया और संबंधित व्यक्ति को रजिस्ट्री के लिए बुलाया। अधिकारियों ने अपने सामने देनदार और लेनदार दोनों को फोटो कराए और पेपरलेस रजिस्ट्री की। यहां दोनों पार्टियों के डिजिटल हस्ताक्षर भी कराए। वहीं समालखा में तीन रजिस्ट्री की गई।
विज्ञापन
कागजों की जांच में लगा समय
मोहिंद्र पाल और समुंद्र सिंह ने बताया कि उनको चंदौली गांव में डेढ़ एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करानी थी। इसके लिए दो दिन से कागज पूरे अपलोड कर दिए थे। अधिकारियों ने शुक्रवार को उनके सभी कागज दो से तीन बार जांच किए। इसके बाद उनकी रजिस्ट्री मंजूर की। रजिस्ट्री कराने के लिए दस्तावेज की जांच में समय अधिक लगा। बाकी रजिस्ट्री होने में पहले की अपेक्षा बहुत कम समय लग पाया।
पानीपत तहसील में शुक्रवार को पेपरलेस एक रजिस्ट्री की है। इसमें डॉक्यूमेंट की जांच में अधिक समय लगा है। बाकी में ज्यादा समय नहीं लगा। अब पेपरलेस रजिस्ट्री का काम तेज होगा।