समालखा। निरंकारी संत समागम के समापन के दूसरे दिन भी अनुयायी अपने गंतव्य को जाने में लगे रहे। इसके लिए भोड़वाल माजरी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के समय पूरा दिन यात्रियों का जमावड़ा लगा रहा। वहीं आध्यात्मिक स्थल व भोड़वाल माजरी गांव में अस्थायी बाजार में लोगों ने जमकर खरीदारी की। यहां अस्थायी बाजार में किराये पर दुकान न मिलने के बाद लोगों ने ट्रैक्टर-ट्राली व अन्य वाहनों में सामान रखकर बेचा। इसको लेकर पूरा दिन खरीदारी चलती रही। इसके साथ वीरवार को होने वाले सामूहिक विवाह की तैयारी पूरी कर ली गई है।
उल्लेखनीय है निरंकारी संत समागम भोड़वाल माजरी में 16 से 18 नवंबर को तीन दिवसीय वार्षिक निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज ने तीनों दिन प्रवचन दिए। अनुयायी मंगलवार को ही वापस जाना शुरू हो गए थे। कुछ अनुयायियों ने ट्रेन में टिकट आरक्षित की हैं। वे अपनी सुविधा के अनुसार जा रहे हैं। डेरा के प्रमुख लोगों ने बताया कि तीन दिन के समागम में लाखों लोग शामिल हुए हैं। वे अपने अब गुरु ज्ञान लेकर लौट रहे हैं। आध्यात्मिक स्थल पर हर व्यवस्था की गई है। मिशन के सेवादार उनकी सेवा में लगे हुए हैं।
दुकानदार राजबीर ने बताया कि वह गांव में परचून की दुकान चलाता है। समागम के दिनों में अन्य सालों की अपेक्षा कई गुना खरीद रहती है। वह इन तीनों के लिए पहले ही पर्याप्त सामान रख लेता है। समागम बेशक तीन दिन चलता है लेकिन यहां एक महीने पहले की खरीदारी शुरू हो जाती है। वे इसको लेकर पहले से तैयार रहते हैं। चांद ने बताया कि समालखा बाजार में समागम के दिनों में खरीदारी को लेकर रौनक रहती है।
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अनुयायी बोले सालभर रहेगा इंतजार
पटियाला निवासी कुलजिंदर कौर और हरदीप कौर ने बताया कि वे समागम पर 15 दिन पहले आ गए थे। यहां सेवा कार्य किया। यहां आकर एक सुकून मिलता है। सतगुरु माता के दर्शन के साथ उनसे ज्ञान मिलता है। वे इसको लेकर सालभर इंतजार करते हैं। वे अगली बार फिर से समागम में पहुंचेंगी। झांसी के चमकौर ने बताया कि समागम को लेकर हर अनुयायी में उत्साह देखने को मिलता है। वह तीन दिन के समागम में ज्ञान लेने पांच दिन पहले आ गया था। उसने पानीपत के लिए दो महीने पहले रेल में टिकट आरक्षित करा ली थी। इसके साथ वापस जाने का बुधवार को टिकट था।