संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। हरियाणा महिला विकास निगम द्वारा छात्राओं पर शिक्षा ऋण के भार को कम करने के लिए पांच प्रतिशत ब्याज राशि बतौर सब्सिडी दी जा रही है।
डीसी डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि सीमित साधनों, अत्यधिक फीस और बैंकों के शिक्षा ऋण पर ब्याज के भार के कारण व्यावसायिक शिक्षा, तकनीकी डिप्लोमा, स्नातक, स्नातकोत्तर व चिकित्सा शिक्षा आदि प्राप्त करने से वंचित रहने वाली छात्राओं के शिक्षा के लक्ष्य को सुगम करने के लिए हरियाणा सरकार द्वारा सार्थक प्रयास निरंतर जारी हैं। इसी क्रम में उपरोक्त योजना के तहत हरियाणा मूल की छात्राएं व हरियाणा सरकार में कार्यरत सरकारी कर्मचारियों की बेटियां और पत्नी पात्र होंगी हैं, जो देश-विदेश में कहीं पर भी शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। उन्होंने बताया कि ऋण बैंक की उच्च शिक्षा स्कीम के अनुसार ही दिया जाएगा। इसमें प्रत्येक हरियाणा निवासी महिला व लड़की ऋण की पात्र है। शिक्षा के लिए आमदनी, जाति एवं संप्रदाय मापदंड नहीं है। डीसी ने बताया कि बैंक अगर 9.25 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण देते हैं तो छात्राओं को अपनी जेब से सिर्फ 4.25 प्रतिशत ब्याज देना होगा। इसके साथ ही पांच प्रतिशत राशि महिला विकास निगम चुकाएगा।
उन्होंने बताया कि ऋण के लिए आवेदन पत्र संबंधित बैंक से लेकर उसमें वर्णित सभी औपचारिकताएं पूरी करके उसी बैंक में जमा करवाना है तथा आवेदन पत्र की एक प्रतिलिपि महिला विकास निगम के संबंधित जिले में जिला प्रबंधक के पास देनी होगी। ऋण स्वीकृत होने के बाद बैंक स्वीकृत पत्र की एक प्रति संबंधित जिला प्रबंधक के पास भेजनी होगी। प्रार्थी का कोर्स खत्म होने तक या इसके दो साल के अंदर अपनी फाइल कार्यालय में जमा करा सकते हैं। उसके बाद फाइल स्वीकार नहीं होगी।