पानीपत। फेरी लगाकर कपड़े बेचने वाले जोगिंद्र उर्फ राजू चावला से गैंगस्टर प्रसन्न लंबू के नाम पर पांच लाख की रंगदारी मांगने की वारदात का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गुलशन निवासी इंसार बाजार, सोनू निवासी राजीव कॉलोनी पानीपत, सुमित निवासी हांसी, रविंद्र व देवेंद्र निवासी सिरसा के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी गुलशन पर सट्टा व जुआ खेलने में चढ़ा कर्ज उतारने के लिए साथियों के साथ मिलकर जोगिंद्र उर्फ राजू चावला से पांच लाख की रंगदारी मांगी थी।
डीएसपी मुख्यालय धर्मबीर खर्ब ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी गुलशन जुआ व सट्टा खेलने में काफी पैसे हार गया था। आरोपी पर लाखों रुपये का कर्ज है। कर्ज उतारने के लिए आरोपी ने उत्तम नगर कॉलोनी निवासी साथी आरोपी के साथ मिलकर शॉर्टकट तरीके से योजना बनाई। गुलशन के पिता की मेन बाजार में जूतों की दुकान है। इसलिए जोगिंद्र चावला उनके संपर्क में था और उन्होंने उसी को टारगेट बनाते हुए 28 सितंबर को कॉल कर प्रसन्न उर्फ लंबू के नाम पर पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। रंगदारी न देने पर आरोपियों ने देख लेने की धमकी दी। आरोपियों को पता था कि सिवाह निवासी प्रसन्न उर्फ लंबू का आपराधिक रिकार्ड है, वह वर्तमान में जेल में बंद है। जोगिंद्र उसके नाम से डरते हुए फिरौती के पांच लाख रुपये आसानी से देगा।
शातिर आरोपियों ने पुलिस पकड़ से बचने के लिए वारदात में फर्जी आईडी के सिम कार्ड का प्रयोग किया था। आरोपी गुलशन और उसके साथी ने सोनू को कही से फर्जी आईडी के सिम कार्ड उपलब्ध करवाने के लिए कहा। सोनू ने हांसी निवासी अपने साथी आरोपी सुमित से फोन पर संपर्क कर सिम के बारे में कहा। सुमित ने सिरसा निवासी साथी आरोपी रविंद्र से बात की। आरोपी रविंद्र ने अपने साथी आरोपी देवेंद्र से संपर्क किया। देवेंद्र विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड बेचने का काम करता था। आरोपी देवेंद्र ने 200 रुपये के हिसाब से फर्जी आईडी के सात सिम कार्ड आरोपी रविंद्र को दे दिए। यही सिम कार्ड आरोपी गुलशन ने 1200 रुपये प्रति सिम के हिसाब से 8400 रुपये आरोपी सोनू को देकर उससे लिए थे, इन्हीं सिम से उसने कॉल कर रंगदारी मांगी थी।