संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। कृषि विज्ञान केंद्र उझा गांव में पांच दिवसीय व्यावसायिक प्रशिक्षण का शुक्रवार को समापन हो गया है। इसमें अनुसूचित जाति महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण पहल के लिए कम लागत मशरूम उत्पादन तकनीक की जानकारी दी। इस दौरान जिले से 90 अनुसूचित जाति की महिलाओं ने भाग लेकर मशरूम उत्पादन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यातिथि चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ. रमेश कुमार ने कार्यक्रम में शिरकत की। डॉ. सतपाल सिंह ने मुख्यातिथि के पहुंचने पर बुकें देकर उनका स्वागत किया।
मुख्यातिथि डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि महिला सशक्तिकरण कृषि विज्ञान केंद्रों का एक प्रमुख लक्ष्य है। इस प्रकार के व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि मशरूम उत्पादन, विशेषकर सफेद बटन मशरूम, अनुसूचित जाति के परिवारों के लिए अत्यंत उपयोगी व्यवसाय है, क्योंकि इसके लिए भूमि की आवश्यकता नहीं होती और भूमिहीन परिवार भी इसे अपना सकते हैं। उन्होंने बताया कि विस्तार शिक्षा निदेशालय द्वारा अनुसूचित जाति परिवारों के उत्थान के लिए कटिंग-सिलाई, फल-सब्जी संरक्षण सही कीटनाशक छिड़काव तकनीक, डेयरी फार्मिंग जैसे अनेक प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे मशरूम उत्पादन को स्थायी आय अर्जन के साधन के रूप में अपनाए।