थाना चांदनी बाग पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली थी। परिजनों ने बताया कि मनप्रीत सिंह रेलवे में टीटीई थे और हनुमान स्वरूप शोभायात्रा में शामिल हुए थे। पुलिस ने वारदात के छह दिन बाद नितिश, जयकरण उर्फ भुल्लर, कार्तिक उर्फ नीरज उर्फ पाती निवासी कुराड और सचिन उर्फ चीनू निवासी धनसौली व कपिल निवासी विद्यानंद कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया था। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में दाखिल की थी। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चल रही थी। अदालत ने बुधवार को पांचों आरोपियों को दोषी करार दिया था, साथ ही सजा के लिए वीरवार की तारीख दी थी।
अभियोजन पक्ष ने करवाई 23 गवाहों की गवाही
पुलिस ने चार्जशीट में 23 गवाह बनाए थे। जिसमें वारदात के चश्मदीद भी शामिल थे। मृतक के चाचा चश्मदीद हिम्मत सिंह की भी अदालत में गवाही करवाई गई, इसके साथ ही फोरेंसिक टीम की जांच रिपोर्ट को भी अहम सबूत के तौर पर पेश किया गया था। पुलिस ने एक आरोपी नितिश के कब्जे से चाकू बरामद किया था। इन सभी सबूतों को आधार मानते हुए अदालत ने वीरवार को पांचों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।