पानीपत। जिले में बृहस्पतिवार को 192 सैंपलों की जांच में डेंगू के पांच पॉजिटिव केस मिले हैं। अब जिले में डेंगू के केस की संख्या 24 पहुंच चुकी है। 21 केस इसी माह मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मार्च से अब तक 96 हजार लोगों की डेंगू जांच की है। इनमें से डेंगू का कोई केस नहीं मिला है। सभी डेंगू के केस निजी अस्पताल से आए सैंपल में मिले हैं। डेंगू के 24 केसों में से 15 पुरुष व नौ महिलाएं हैं। 19 लोग डेंगू से स्वस्थ हो चुके हैं। पांच लोगों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू पर अंकुश के लिए जिले में रैपिड फीवर मास सर्वे भी कर रहा है। गांवों में कैंप लगाकर बुखार से पीड़ितों की स्लाइड तैयार की जा रही है। अब तक स्वास्थ्य विभाग नौ लाख घरों में डेंगू के लार्वा की जांच कर चुका है। 5500 स्थानों पर लार्वा मिला है। सिविल अस्पताल की लैब में प्रतिदिन 40 लोगों की डेंगू जांच हो रही है।
डेंगू के खिलाफ काम करने की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम व पंचायती राज विभाग पर है। स्वास्थ्य विभाग डेंगू रोगियों की जांच करता है और उनका इलाज करता है। जहां डेंगू के केस मिलते हैं, इसकी जानकारी नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग को दी जाती है। शहरी क्षेत्र में फॉगिंग की जिम्मेदारी नगर निगम पर व ग्रामीण क्षेत्र में फॉगिंग की जिम्मेदारी जिला पंचायती राज विभाग पर है। अब तक जिले में कहीं भी फॉगिंग नहीं की गई है। दोनों ही विभागों ने स्वास्थ्य विभाग से फॉगिंग के लिए दवा तक नहीं ली है। स्वास्थ्य विभाग दोनों विभागों को दवा लेकर फॉगिंग करने के निर्देश भी दे चुके हैं। नगर निगम की 20 में से 10 मशीनें खराब है। पंचायती राज विभाग के पास 103 फॉगिंग मशीने हैं।
सिविल अस्पताल में खांसी, जुकाम व बुखार की ओपीडी लगभग 300 है। इनमें लगभग 150 मरीज बुखार के होते हैं, जिनमें डेंगू के लक्षण नजर आते हैं। उनकी पर्ची पर डेंगू जांच लिखी जाती है। ऐसे लगभग 40-50 मरीज प्रतिदिन मिल रहे हैं।
जिले में डेंगू के 24 केस मिल चुके हैं। बुखार होने पर घबराएं नहीं। प्लेटलेट्स कम होने का कारण सिर्फ डेंगू नहीं होता। लोगों से अपील है कि डेंगू के खिलाफ जागरूक हों। अपने आसपास पानी एकत्रित न होने दें। डॉक्टरों से परामर्श के बिना दवा न लें।
- डॉ. जयंत आहूजा, सिविल सर्जन।