इसराना। मांडी गांव के एक युवक को ऑस्ट्रेलिया में शिक्षा वीजा पर भेजने के नाम पर कबूतरबाजों ने 16 लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पहले उसे बैंकाक भेजा और फिर उसे ऑस्ट्रेलिया का फर्जी वीजा थमा दिया। जांच में बैंकाक पुलिस ने उसे पकड़ लिया। चार दिन तक युवक को हिरासत में रखा गया। वह पुलिस के सामने अपना पक्ष रखकर हिरासत से छूटा और भारत वापस आया। यहां आकर उसने आरोपियों के खिलाफ इसराना थाने की पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मांडी निवासी रमेश सिंह ने बताया कि 26 अगस्त 2022 को उसकी मुलाकात करनाल के सेक्टर छह निवासी संजीव कुमार से हुई थी। उसने बताया कि वह युवाओं को विदेश भेजने का काम करता है। उसने अपना ऑफिस दिल्ली और करनाल में बताया। इसके बाद वह उसके दिल्ली स्थित कार्यालय में गया था, जहां संजीव कुमार ने उससे कहा कि आपके भतीजे शुभम को 16 लाख रुपये में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के लिए भेज देगा। इसके बाद उन्होंने संजीव को पांच लाख रुपये पहले दे दिए। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में फीस भरने के नाम पर मांगे रुपये मांगे गए। 30 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया की एक यूनिवर्सिटी का उसे पत्र दिया गया। इसके बाद उसने 11400 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में फीस भरने की बात कही। उसने संजीव कुमार को 11 लाख रुपये दिए। 27 मार्च को उन्हें सबक्लास 600 वीजा दे दिया। संजीव के कार्यालय में काम करने वाली अंजलि नाम की लड़की ने दिल्ली से बैंकाक का टिकट दिया। शुभम 10 दिन तक बैंकाक में रहा। छह मई को वहां से ऑस्ट्रेलिया का टिकट मिला, जिसे बैंकाक एयरपोर्ट पर जांच के दौरान फर्जी बता दिया गया। इसके बाद वहां के अधिकारियों ने उसे चार दिन तक बैंकाक में रोके रखा। वह किसी तरह वापस देश लौटा और पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है।