पानीपत। हुडा वैसे तो अपने सेक्टरवासियों को समय-समय पर सुरक्षा मापदंड अपनाने संबंधित हिदायत देता रहता है, लेकिन खुद हिदायतों पर अमल नहीं कर रहा। हुडा के आधुनिक बने भवन में एक्सपायरी डेट के फायर सिलेंडर लगे हुए हैं। फायर सिलेंडरों की डेट आज से करीब दो माह पहले निकल चुकी है। ऐसे में किसी तरह की छोटी सी चिंगारी बड़ा हादसा कर सकती है और सिलेंडर होने के बाद भी किसी काम के नहीं होंगे। इस बात से हुडा अधिकारी बेखबर हैं।
जीटी रोड स्थित हुडा की पूरी बिल्डिंग में बेसमेंट से लेकर ऊपरी मंजिल तक 35 फायर सिलेंडर हैं, लेकिन सभी सिलेंडरों की एक्सपायरी डेट अगस्त 2016 थी। हुडा के अधिकारियों के नाक के तले ही लापरवाही बरती जा रही है।
आग लगी तो हो सकता है बड़ा नुकसान
हुडा की बिल्डिंग में अगर आग लग जाती है तो बड़ा नुकसान हो सकता है। लेकिन इस बात से हुडा के अधिकारी व कर्मचारी बेखबर हैं। हर रोज सभी हुडा अधिकारी दफ्तर में आते हैं। कई दफ्तरों के एंट्री गेट के बाहर ही फायर सिलेंडर लगे हुए हैं। लेकिन किसी एक भी अधिकारी की नजर इन फायर सिलेंडरों पर नहीं पड़ी। अगर कोई आगजनी की घटना हुडा दफ्तर में होती है तो आग बुझाने का कोई भी पुख्ता इंजाम हुडा के दफ्तर में नहीं है।
कुल 35 फायर सिलेंडर हैं
बेसमेंट में 15 सिलेंडर, ग्राउंड फ्लोर पर छह फायर सिलेंडर, सब-डिविजन में आठ फायर सिलेंडर, डीटीपी दफ्तर में छह फायर सिलेंडर लगे हुए है। लेकिन सबकी डेट करीब दो माह पहले एक्सपायर हो चुकी है।
वर्जन
फायर सिलेंडरों की डेट एक्सपायर होने की जानकारी नहीं है। अगर फायर सिलेंडरों की डेट एक्सपायर हो चुकी है तो मैं दफ्तर में नए सिलेंडरों लगवाए जाने के बारे में अधिकारियों से चर्चा करूंगा।
दीपक घनघस, ईओ, हुडा पानीपत।