करनाल। सफाई कर्मचारियों की लगातार 22 दिन से चल रही हड़ताल की वजह से शहर की तकरीबन हर सड़क पर कूड़े के ढेर पड़े हैं। करीब 1300 टन से ज्यादा कूड़ा अभी भी सड़कों और गलियों में है। क्योंकि डोर टू डोर कचरा उठान बंद है। इधर, निगम ने दावा किया है कि वैकल्पिक व्यवस्था कर पिछले नौ दिनों में शहर से करीब 1100 मीट्रिक टन कूड़ा उठाया गया है।
शहर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के लिए वीरवार को महापौर रेणु बाला गुप्ता और नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने निगम पार्षदों के साथ बैठक की। इसमें शहर की वर्तमान स्वच्छता स्थिति, कचरा उठान, डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण और हड़ताल के दौरान नगर निगम की ओर से किए जा रहे प्रबंधों पर चर्चा की गई। निगमायुक्त ने बताया कि सरकार की ओर से स्पष्ट निर्देश हैं कि सफाई कार्य में किसी प्रकार का अवरोध उत्पन्न करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी कर्मचारी का हड़ताल पर जाना यह अधिकार नहीं देता कि वे अन्य कर्मचारियों को उनके कार्य करने से रोके, जो शहर की सफाई व्यवस्था बनाने में लगे हुए हैं।
निगमायुक्त ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरा एकत्रीकरण का कार्य लगातार जारी है। इसे नियमित रूप से चलाने को लेकर संबंधित एजेंसी को सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सफाई व्यवस्था को लेकर अन्य संबंधित विभागों के साथ भी बैठक की गई हैं और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
पार्षद वार्ड कमेटियों को करें सक्रिय : महापौर
महापौर ने सभी पार्षदों से कहा कि वे अपने-अपने वार्डों में वार्ड कमेटियों को सक्रिय करें और नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे कचरा इधर-उधर न फेंकें और उसे एक स्थान पर एकत्रित रखें। नगर निगम की टीम कचरा उठा रही है और नियमित रूप से उठाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्षद और आमजन नगर निगम टीम का सहयोग करेंगे, तो शहर की सफाई व्यवस्था को शीघ्र सामान्य किया जा सकता है। बैठक में अतिरिक्त निगम आयुक्त अशोक कुमार, उप निगम आयुक्त विनोद नेहरा तथा मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा भी मौजूद रहे।