अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। पानीपत के थर्मल पावर स्टेशन के पार्क से शुक्रवार की शाम करीब साढ़े सात बजे एक सनसनीखेज वारदात में अधिशासी अभियंता सुनीता चंद्रावत के 12 साल के बेटे कबीर का 1.5 करोड़ की फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया। बच्चे के साथ पार्क में खेलने वाला कालोनी का ही युवक विशाल (20) उसे कार चलवाने के बहाने से अगवा कर ले गया। अपहरण के लिए विशाल ने 1500 रुपये में कार किराए पर ली। इसी कार में लगे जीपीएस से लोकेशन मालूम कर पुलिस अपहर्ताओं तक पहुंच गई।
अपहरण के 11 घंटे बाद शनिवार की सुबह साढ़े नौ बजे पुलिस ने रोहतक के किलोई गांव के पास कार को घेर लिया। घेराबंदी होती देख अपहर्ताओं ने कबीर को चलती कार से फेंक दिया। उसे चोटें आई हैं। पुलिस के अनुसार, इसके बाद अपहर्ताओं के साथ मुठभेड़ हो गई। इसमें विशाल और उसका दोस्त आदेश (20) पैर में गोली लगने से घायल हो गए। अपहरण की साजिश में आदेश की रोहतक के भराण गांव निवासी महिला मित्र शारदा भी शामिल रही। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। घायल आरोपियों को रोहतक पीजीआई में भर्ती कराया गया है।
सुनीता के पति समीर गेल इंडिया में डीजीएम हैं और जयपुर में तैनात हैं। कबीर सातवीं का छात्र है। सुनीता ने शुक्रवार रात करीब दस बजे पुलिस को सूचना दी कि कबीर के मोबाइल नंबर से उनके पास व्हाट्एप काल आई है। उसका अपहरण कर ले गए बदमाशों ने 1.5 करोड़ की फिरौती मांगी है।
उनकी सूचना पर पुलिस ने पार्क के पास से सीसीटीवी कैमरे खंगाले। एक फुटेज में कार का नंबर नजर आया। इससे पता चला कि कार कोतानी रोड निवासी निखिल की है। निखिल ने पुलिस को बताया कि विशाल कार को सेल्फ ड्राइविंग ( खुद चलाने ) के लिए किराए पर ले गया है। कार में जीपीएस लगा है। पुलिस ने जीपीएस से कार की लोकेशन ट्रेस की।
एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि लोकेशन लगातार बदलती जा रही थी। पुलिस पीछा करती रही। आखिर किलोई में पुलिस का आपरेशन सफल हो गया। गिरफ्तार आरोपियों में विशाल थर्मल का ही रहने वाला है। वह और कबीर रोज शाम को एक ही पार्क में खेलते हैं। इसलिए दोनों में दोस्ती हो गई। आदेश थर्मल के पास सुंदर नगर क्षेत्र के आदर्श नगर का रहने वाला है।
सहारनपुर से किया फिरौती का फोन
कबीर के अपहरण के थोड़ी देर बाद ही विशाल के साथ कार में आदेश भी आ गया । दोनों कबीर को सहारनपुर के गंगोह में ले गए। वहां से फिरौती के लिए काल की। इसके बाद वहां से निकल गए। 200 किलोमीटर से ज्यादा चलने के बाद वे रोहतक के किलोई पहुंचे। पुलिस का कहना है कि उनकी साजिश कबीर को एक दिन रोहतक में शारदा के बताए ठिकाने पर रखकर फिरौती वसूल करने की थी।
अपहरण से उड़ी रही सीएम की नींद
फिरौती के लिए बच्चे के अपहरण की घटना ने सीएम नायब सिंह सैनी की भी नींद उड़ा दी। वह रातभर पुलिस अफसरों से जानकारी लेते रहे। उन्होंने डीजीपी और आईजी के साथ एसपी भूपेंद्र सिंह से भी बात की। बच्चे की बरामदगी होने के बाद उनकी ओर से पुलिस अफसरों को बधाई दी गई।
एक लाख के पुरस्कार की घोषणा
अपहृत बच्चे को 11 घंटे में सकुशल बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लेने पर डीजीपी अजय सिंघल ने पानीपत पुलिस को सराहना की। उन्होंने इस आपरेशन में शामिल पुलिस टीम को एक लाख का पुरस्कार देने की घोषणा की है।