पानीपत। कहते हैं कि दुर्घटना से देर भली, लेकिन पानीपत रेलवे स्टेशन पर यह कहावत उलट है। रेलवे स्टेशन पर तो कुछ यात्री ऐसे हैं कि दुर्घटना भले ही हो जाए, लेकिन देर नहीं होनी चाहिए। इसी कारण पानीपत रेलवे स्टेशन पर आए दिन लोग ट्रेनों की चपेट में आकर हादसों का शिकार हो रहे हैं। ट्रेन आने की अनाउसमेंट करने के बाद भी कि यात्री दूसरे प्लेटफार्म पर जाने के लिए पुल का प्रयोग करें और उससे अनसुना कर देते हैं और सीधा रेलवे लाइन पार करने लग जाते हैं जिससे हादसों का शिकार हो जाते हैं।
उल्लेखनीय है कि 2024 में अब तक 35 लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो चुकी है। वहीं पर पिछले साल भी करीब 85 लोगों की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। पानीपत रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को रेल लाइन पार करते समय गढ़ी सिकंदरपुर निवासी दो सगी बहनें परमेश्वरी और लक्ष्मी की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। दोनों की मौत के मामले में भारी लापरवाही सामने आई थी। जीआरपी और आरपीएफ ने इसको लेकर सख्ती बरतने की बात कही थी। बुधवार को रेलवे स्टेशन का मौका मुआयना किया। इसमें सच्चाई सामने आई। यात्री पूरा दिन रेल लाइन पार करते रहे। आरपीएफ और जीआरपी कर्मी मूक बनकर देखते रहे।
गौरतलब है कि पानीपत रेलवे स्टेशन पर जहां जंक्शन होने के साथ साथ अंबाला दिल्ली मार्ग पर प्रतिदिन 140 ट्रेनों का आवागमन होता है। इनमें कई गाड़ी सुपरफास्ट होने के कारण 120 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से आती हैं। ऐसे में यात्रियों के लिए अवैध रूप से रेलवे लाइन पार करना किसी जोखिम से कम नहीं हैं। हालांकि आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि वे आए दिन अवैध रूप से रेलवे लाइन पार करने वालों के खिलाफ अभियान चलाते हैं लेकिन फिर भी यात्री रेलवे लाइन पार करने से बाज नहीं आते। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि जनवरी से अब तक लगभग 65 यात्रियों पर अवैध रूप से रेलवे लाइन पार करने का मामला दर्ज कर चुके हैं।
पानीपत रेलवे स्टेशन पर जहां पर केवल यात्रियों को अनाउंसमेंट के जरिये पुल का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। वहीं यात्रियों को अवैध रूप से रेल लाइन पार करने से रोकने के लिए पुलिस गश्त की भारी कमी हैं। कभी कभार ही कोई जवान प्लेटफार्म पर टहलता हुआ नजर आता हैं। अगर अनाउंसमेंट के साथ पुलिस भी चेतावनी जारी करें तो काफी हद तक हादसों से बचा जा सकता हैं।
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यात्रियों ने कहा- स्टेशन बड़ा होना चाहिए दो फुट ओवरब्रिज
स्टेशन पर मौजूद यात्रियों बीरबल, मोनू, संदीप, कलम सिंह आदि ने बताया कि पानीपत रेलवे स्टेशन काफी बड़ा है। यात्री जब स्टेशन के एक छोर पर प्लेटफार्म पर उतरता है तो उससे सामान के फुट ओवर ब्रिज तक आना पड़ता है। इससे यात्रियों को रेलवे लाइन पार करने का ही तरीका आसान लगता है। अगर स्टेशन पर एक और फुट ओवरब्रिज हो तो इससे यात्रियों को काफी आसानी हो सकती हैं।
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चेतावनी बोर्ड व पुलिस की बढ़ाई जाएगी गश्त
आरपीएफ थाना प्रभारी श्रवण कुमार गोयल ने बताया कि वैसे तो आरपीएफ चैकिंग अभियान चलाकर अवैध रूप से रेलवे लाइन पार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करती है। फिर भी हर रोज नए यात्री स्टेशन पर आते हैं। जो कि उनमें जागरूकता की कमी है। जगह जगह पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे और पुलिस की गश्त भी बढ़ाई जाएगी। ताकि हादसों में कमी लाई जा सकें।