समय के बदलाव के साथ ही खेती करने की तकनीकों में भी बदलवा आया है। वर्तमान में किसान आधुनिक तकनीक से खेती कर रहे हैं। कृषि विभाग अब नवीन तकनीकों के बारे में किसानों को जागरूक कर रहा है।
इसके तहत किसानों को प्रदर्शनी प्लांट लगाकर गेहूं की खेती के बारे में जागरूक किया जाएगा। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला इस बार गेहूं के सीजन में जिले के तीन गांवों में प्रदर्शनी प्लांट लगाने की तैयारी कर रहा है।
इसके लिए दो गांव सुताना और कारद का चुनाव हो चुका है, लेकिन अभी तीसरे गांव की तलाश की जा रही है। इन प्रदर्शनी प्लांटों का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक ढंग से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
मिट्टी की जांच करेंगे
तीनों प्रदर्शनी प्लांटों पर मृदा परीक्षण विभाग अपने तरीके और किसान अपने तरीके से खेती करेंगे। इसके लिए तीनों जगहों पर एक-एक एकड़ में प्रदर्शनी प्लांट लगाए जाएंगे।
यहां पर आधा एकड़ में विभाग और आधा एकड़ में किसान फसल उगाएंगे। इसमें खास फर्क यह रहेगा कि विभाग मिट्टी की जांच करने के बाद ही फसल में पानी, खाद और दवाई डालेगा। किसान अपनी सूझबूझ के साथ ही बिना जांच के ये सभी चीज डालेंगे।
फसल तैयार होने पर अन्य किसानों को करेंगे आमंत्रित
तीनों स्थानों पर लगाई गए प्रदर्शनी प्लांट में फसल तैयार होनेे तक बीच-बीच में किसानों को आमंत्रित करके उन्हें फसल में आए अंतर के बारे में गहनता से बताया जाएगा। जब फसल पककर तैयार हो जाएगी उसके बाद भी किसानों को बुलाकर पैदावार के अंतर के बारे में बताया जाएगा।
किसानों में जागरूकता बढ़ेगी
प्रदर्शनी प्लांट लगाने का मुख्य उदेश्य किसानों को मिट्टी की जांच कराने के लिए प्रोत्साहित करना है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि मिट्टी की जांच के बाद की गई खेती में अच्छी पैदावार होती है।
इससे किसानों को अच्छा लाभ मिलता है। प्रदर्शनी प्लांट में विभाग दवाई, खाद और पानी की उपयुक्त मात्रा डालेंगे। इसके बाद फसल को किसानों को दिखाया जाएगा।
इसे देखकर ज्यादा से ज्यादा किसान मिट्टी की जांच कराने के लिए प्रोत्साहित होंगे।