माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। भारतीय किसानों यूनियन चढूनी गुट के दिल्ली कूच के एलान के बाद पानीपत में दिनभर अलर्ट रहा। सुबह से ही जिले के सभी टोल प्लाजा को छावनी में तब्दील कर दिया गया। जीटी रोड पर सेक्टर-18 टोल प्लाजा पर मेरठ से आरएएफ की दो कंपनी तैनात कर दी गई। सिवाह बाइपास से वाहनों को डायवर्ट किया गया।
सनौली के तामशाबाद और इसराना क्षेत्र में डाहर टोल प्लाजा पर भी पुलिस मुस्तैद रही। उधर सुबह करीब पांंच बजे पंजाब से 15-20 किसान पानीपत पहुंचे। पुलिस सभी को थाना सेक्टर-13-17 लेकर पहुंंची। एक घंटे बाद सभी को वापस कर दिया गया।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में भारतीय किसान यूूनियन ने 21 जुलाई को दिल्ली कूच का एलान किया था। सोमवार को ही कुरुक्षेत्र में किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी को हिरासत में ले लिया गया। जिसके बाद आक्रोशित किसानों ने मंगलवार को बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचने का एलान कर दिया। पंजाब से आने वाले किसानों को रोकने के लिए जीटी रोड टोल प्लाजा पर भारी संख्या में फोर्स तैनात की गई। सुरक्षा को देखते हुए मेरठ आरएएफ की दो कंपनी तैनात की गई। जिनमें 240 जवान टोल पर तैनात रहे। कंपनी कमांडेंट शिव महेंद्र खुद भी दिनभर टोल प्लाजा पर मुस्तैद रहे।
रूट किया गया डायवर्ट, जाम में फंसे वाहन, एंबुलेंस को नहीं मिला रास्ता : सुरक्षा को देखते हुए पानीपत में जीटी रोड पर सिवाह बाइपास हाईवे के पास भी दिल्ली लेन को कर दिया गया। वाहनों को रोहतक बाइपास और नहर के रास्ते निकलने के लिए कहा गया। जिस कारण जीटी रोड पर करीब एक किमी लंबा जाम लग गया। वाहन चालकों का कहना था कि उन्हें इमरजेंसी में अस्पताल में जाना था। लेकिन, पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान कुछ एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। हालांकि, दोपहर बाद एंबुलेंस और यात्री वाहनों को जीटी रोड से जाने की अनुमति दे दी गई।