पानीपत। किसान भवन पानीपत में भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट की बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया कि अंबाला में रेल रोको आंदोलन में पानीपत के किसान भी मोर्चा संभालेंगे। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने की और विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाकियू प्रदेशाध्यक्ष कर्म सिंह मथाना शामिल हुए।
किसान आंदोलन के दो वर्ष पूरे होने के बाद भी वादे पूरे नहीं करने पर सरकार के खिलाफ अंबाला के मोहड़ा मंडी से रेल रोको आंदोलन का फैसला लिया गया है। जिलाध्यक्ष ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि किसान आंदोलन की दूसरी वर्षगांठ पर 24 नवंबर को अंबाला में रेल रोककर इसकी शुरुआत की जाएगी। अंबाला की मोहड़ा मंडी में पानीपत से हजारों किसान पहुंचकर ताकत का अहसास कराएंगे। उन्होंने बताया कि मोहड़ा मंडी से ही दो साल पहले किसान आंदोलन शुरू हुआ था। इस दिन किसान मसीहा सर छोटू राम की जयंती भी है। कार्यकारी जिला प्रधान राम सिंह कुंडू ने कहा कि हरियाणा सरकार से समझौता वार्ता में किसानों पर दर्ज सभी केस वापस लेने की बात मानी गई थी, लेकिन इसे पूरा नहीं किया गया। आज भी कई किसानों के असलहा लाइसेंस एवं पासपोर्ट रुके हैं। इसी प्रकार 30 मुकदमे पहले के लंबित हैं, इन्हें भी वापस नहीं लिया गया है। बैठक में जिला उपप्रधान राजेंद्र दहिया, जिला संगठन सचिव रामबीर झट्टीपुर, कानूनी सेल के जिलाध्यक्ष संदीप धर्मगढ़, इसराना ब्लॉक प्रधान राजरूप फौजी, युवा जिला उपाध्यक्ष नदीम गुर्जर, युवा जिला महासचिव मोहित बिहोली, आनंद परढाना, सतेंद्र मच्छरौली, नरेंद्र राजाखेड़ी, जिले सिंह जागलान और रणबीर फौजी आदि मौजूद रहे।