पानीपत। किसान भवन में चौधर को लेकर सोनू मालपुरिया व सूरजभान गुट में कशमकश जारी है। किसान भवन में पुलिस बल को तैनात किया गया है। यहां तनाव में शांतिपूर्ण माहौल है। फिलहाल किसान भवन में सूरजभान गुट के किसान बैठे हुए हैं।
सोनू मालपुरिया गुट के जगपाल रावल ने शुक्रवार को मॉडल टाउन पुलिस थाना में सूरजभान समेत उनके गुट के 18 किसानों के खिलाफ शिकायत दी। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। मंगलवार को मारपीट में घायल हुए रामनिवास समेत दोनों किसानों को रोहतक पीजीआई से छुट्टी मिल गई है। वहीं, दूसरी ओर सीटीएम राजेश सोनी ने शुक्रवार को किसान भवन में मंगलवार को चले लाठी-डंडों के वीडियो को जांचा। उन्होंने मारपीट कर रहे किसानों की सोनू मालपुरिया से शिनाख्त भी कराई है।
सोनू मालपुरिया का दावा है कि सीटीएम ने पुलिस को दो दिसंबर तक आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश जारी किए हैं। सोनू मालपुरिया ने सीटीएम को लिखित में शिकायत देकर किसान भवन पर अपना कब्जा भी मांगा है।
वर्जन
सोनू मालपुरिया के सभी आरोप झूठे हैं। वो आपराधिक प्रवृति के व्यक्ति है। वो जबरदस्ती किसान भवन पर कब्जा करना चाहते हैं। उनका किसानी से कोई लेना-देना नहीं है। ये किसान भवन किसानों का है। हाईकोर्ट ने केस पर स्टे लगाया है चुनाव पर नहीं।
सूरजभान, किसान नेता
किसान भवन में सन्नाटा
मंगलवार को हुए संघर्ष में 20 किसान घायल हो गए। यहां खून के धब्बे अब भी उन भयानक मंजर की गवाही दे रहे हैं। एसपी ने यहां भारी पुलिसबल को तैनात कर दिया है। संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। किसान भवन में सन्नाटे के बीच तनाव है। सूरजभान पक्ष के लोग किसान भवन में बैठे हैं, सोनू मालपुरिया पक्ष के लोग अलग अलग जगह अपनी बैठकें कर रहे हैं।
दो दिसंबर तक आरोपियों को पकड़ने के निर्देश : सोनू
सूरजभान गुट के लोगों ने उनके बुजुर्ग किसानों पर डंडों से हमला किया था। इस प्रकरण का वीडियो भी है। उन्होंने शुक्रवार को सीटीएम राजेश सोनी के समक्ष पूरी वीडियो रखा है। सीटीएम ने वीडियो देखकर आरोपियों को दो दिसंबर तक गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पुलिस को फटकार भी लगाई है। पुलिस पक्षपात पूर्ण कार्रवाई कर रही है। उन्होंने सीटीएम को पत्र देकर किसान भवन पर अपने कब्जे की मांग भी की है। पुलिस को कोर्ट से भी फटकार लगी है।
यह है पूरा मामला
भारतीय किसान यूनियन किसान भवन के पूर्व प्रधान सोनू मालपुरिया का अप्रैल में कार्यकाल पूरा हो गया था। उन्होंने पंचायत में कार्यकाल बढ़ाकर पांच साल कर लिया था। किसानों ने अप्रैल में सर्वसम्मति से कुराड़ गांव के पिंकू देशवाल को यूनियन का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था। सोनू मालपुरिया ने उसके प्रधान चुने जाने का विरोध किया और उन्होंने अगस्त में बापौली में पंचायत बुलाकर अपने गुट के जगपाल रावल को नया प्रधान नियुक्त कर दिया। इसका पिंकू देशवाल ने विरोध किया। सितंबर में पिंकू ने अपने पद से इस्तीफा देकर प्रधानी सूरजभान रावल को सौंप दी, लेकिन सोनू मालपुरिया गुट उन्हें प्रधान मानने को तैयार नहीं था। सूरजभान खुद को प्रधान बता रहे थे। इस विवाद को शांत करने के लिए प्रशासन ने 11 सदस्यीय कमेटी बनाकर चुनाव कराने का फैसला लिया था। बापौली गांव के सरकारी स्कूल में रविवार को चुनाव के लिए पंचायत बुलाई थी। यहां बहुमत के समर्थन पर सूरजभान को प्रधान चुना था। सोनू मालपुरिया गुट इससे पहले ही इस चुनाव के खिलाफ हाईकोर्ट में जा चुका था। वह चुनाव को गलत करार दे रहे थे। इसी विवाद को लेकर मंगलवार को किसान भवन में दोनों पक्षों में खूनी संघर्ष हुआ। इसमें 20 किसान घायल हो गए।
वर्जन :
इस मामले के बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार करेंगे। उनको सोनू मालपुरिया पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत मिलती है तो उसी आधार पर मामले की जांच भी की जाएगी।
रेखा देवी, प्रभारी, थाना पुलिस मॉडल टाउन।