संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। बारिश के जलभराव का असर जिले में देखने को मिल रहा है। जिले में किसानों की धान की फसल सबसे ज्यादा प्रभावित हुई है। कृषि विभाग की ओर से करवाए गए प्राथमिक सर्वे के अनुसार जिले में कुल 2.50 लाख एकड़ में से 97 हजार एकड़ धान की फसल बारिश जलभराव से प्रभावित हुई है। अंबाला शहर, अंबाला छावनी, बराड़ा, मुलाना और साहा के क्षेत्रों में फसल प्रभावित हुई। ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन का 15 सितंबर आखिरी तारीख है, इसके लिए प्रशासन की ओर से आवेदन लिए जा रहे हैं। किसानों ने सरकार से मुआवजा देने की मांग की है।
12 एकड़ धान की लगाई फसल
जलबेड़ा के किसान मनजीत सिंह ने बताया कि उसने 12 एकड़ में धान की फसल लगाई थी। जिसमें आधी फसल बर्बाद हो चुकी है। उसे उम्मीद थी कि फसल के बाद बैंक से लिया कर्ज कम होगा, लेकिन कीटनाशक के प्रभाव व बाढ़ के पानी के कारण उसकी उम्मीद पर पानी फिर गया है, क्योंकि उसके खेतों के नजदीक गुड़गुड़िया नाला लगता है।
25 प्रतिशत फसल हो चुकी खराब
किसान सुरजीत सिंह ने बताया कि वह चार एकड़ फसल में खेती करते हैं। पिछले दिनों आई बारिश के जलभराव से 25 प्रतिशत फसल को नुकसान हो चुका है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सरकार उन्हें मुआवजा प्रदान करे। पिछले वर्षों में जलभराव से फसल प्रभावित हुई थी।
जो फसल लगाई, वह भी हुई खराब
किसान टेकचंद ने बताया कि उनके पास मात्र चार बीघा धान की फसल ही मौजूद है। मजदूर न मिलने के कारण उसने अकेले ही इसकी रोपाई की थी, लेकिन अब बरसाती जलभराव के प्रभाव के कारण यह फसल भी आधी से ज्यादा बर्बाद हो चुकी है।
50 प्रतिशत फसल हुई नष्ट
किसान अमरजीत सिंह ने बताया कि उनकी धान की फसल सबसे बाद में लगी थी। बारिश जलभराव होने से उनकी 50 प्रतिशत धान की फसल नष्ट हो चुकी है। उनकी मांग है कि सरकार को किसानों को मुआवजा देना चाहिए। 2023 में आई बाढ़ से भी काफी फसल प्रभावित हुई थी।
किसान सुरजीत सिंह। संवाद
किसान सुरजीत सिंह। संवाद