पानीपत। वित्त वर्ष के आखिरी दिन सरकारी कार्यालयों, निगम और बोर्डों में काम का दबाव रहा। हर कोई बजट पूरा करने में लगा रहा। ट्रैजरी कार्यालय सरकारी लेन-देन को लेकर रात करीब 12 बजे तक काम हुआ। इन सबके बीच जिले में विकास के लिए आए करोड़ों रुपये लैप्स हो गए, जबकि नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स में 25 प्रतिशत छूट देने के बाद करोड़ों रुपये का राजस्व मिला। आज नया वित्त वर्ष शुरू हो गया है। साथ ही कलेक्टर रेट समेत दूसरे टैक्स नए रेट पर लागू होंगे। हालांकि, राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक में वित्त वर्ष के आखिरी दिन रेट तय नहीं हो पाए। इसके लिए एक सप्ताह तक का समय दिया है।
वित्त वर्ष 2016-17 का शुक्रवार को आखिरी दिन रहा। लघु सचिवालय में आखिरी दिन काम कराने वाले लोगों की भीड़ देखने को मिली। वाहन रजिस्ट्रेशन, रजिस्ट्री कार्यालय और नगर निगम में हाउस टैक्स जमा कराने वाले लोग सुबह ही खिड़कियों पर जाकर खड़े हो गए। विभागीय अधिकारी और कर्मचारी पूरे काम में जुटे रहे। कर्मचारियों का ध्यान एक दूसरे के साथ बातचीत करने की तरफ कम और अपना काम निपटाने की तरफ ज्यादा रहा। पांच बजे कार्यालयों से उठकर नीचे ग्राउंड में दिखाई देने वाले अधिकारी और कर्मचारी देर शाम तक कार्यालय में लगे रहे। इसके बाद पैसों से संबंधित हिसाब को लेकर ट्रेजरी में रात करीब 12 बजे तक काम चला।
विकास कार्यों का सबसे ज्यादा पैसा अटका
जिले में सबसे ज्यादा पैसा विकास कार्यों का अटका। एक अधिकारी के अनुसार सबसे ज्यादा दिक्कत डी-प्लान के कार्यों ही रही। जिले में डी-प्लान के तहत करीब साढ़े नौ करोड़ रुपये एक बार और पचास लाख रुपये एक बार आए। अधिकारी इसको लेकर गंभीर भी दिखे, लेकिन पूरा बजट आखिरी दिन तक भी खर्च नहीं हो पाया। बताया जा रहा है कि इसके करोड़ों रुपये बच भी गए हैं। अधिकारी इन पैसों को फिर से बजट में लाने को लेकर लग गए।
आज से खास
कलेक्टर और मार्केट रेट दोनों एक होंगे
नए वित्त वर्ष में सबसे ज्यादा बदलाव कलेक्टर रेट का होगा। सरकार ने हिदायत दी है कि नए वित्त वर्ष में कलेक्टर वऔर मार्केट रेट एक कर दिए जाएं। इसके चलते कई जगह कलेक्टर रेट बढ़ सकते हैं तो कई जगह घट भी सकते हैं। इसलिए तहसील कार्यालयों में शुक्रवार का दिन मिलाजुला रहा। पानीपत तहसील में 99, समालखा में 27, बापौली में 14 और इसराना में नौ रजिस्ट्री र्हुइं। डीसी की अध्यक्षता में कलेक्टर रेट निर्धारित करने को लेकर राजस्व विभाग के अधिकारियों की मीटिंग भी हुई, लेकिन सरकार की हिदायतों के चलते रेट तय नहीं हो पाए। डीसी ने सभी अधिकारियों को छह अप्रैल तक एक्सरसाइज कर रेट निर्धारित करने के आदेश दिए।
निगम में प्रॉपर्टी टैक्स के करोड़ों जमा
नगर में सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने वालों की भीड़ रही। नगर निगम ने मार्च माह में ही 25 प्रतिशत की छूट दी थी। बता दें कि नगर निगम ने इस वित्त वर्ष में 40 करोड़ रुपये प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में लाने का लक्ष्य रखा था। प्रॉपर्टी टैक्स फरवरी माह तक 1,28,562,050 था। इसके बाद मार्च माह में प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने के लिए लोग सामने आए। अधिकारियों के अनुसार अकेले मार्च में 30 मार्च तक 3,03,900,38 रुपये जमा हुए। 31 मार्च को सुबह से लेकर शाम तक प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराने वालों की लाइन लगी रही।
बिजली निगम की नई योजना
बिजली निगम ने कृषि नलकूपों की सब्सिडी स्वेच्छा से छोड़ने की योजना वित्त वर्ष के आखिरी दिन आई है। पानीपत सर्कल इंजीनियर एके रहेजा ने बताया कि कृषि नलकूप उपभोक्ता स्वेच्छा से अपनी सब्सिडी को छोड़ सकते हैं। इसमें 20 लाख से अधिक वार्षिक आय वालों को शामिल किया गया है। ऐसे उपभोक्ता संबंधित बिजली निगम के उपमंडल कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।
सरकार ने कलेक्टर और मार्केट एक करने के आदेश हैं। इसके चलते बैठक में रेट फाइनल नहीं हो पाए हैं। नए कलेक्टर रेट के लिए सभी राजस्व अधिकारियों की अगले सप्ताह मीटिंग होगी। वित्त वर्ष की क्लोजिंग भी सामान्य रही है। कुछ पैसा वापस चला गया है, लेकिन वह उसी रूप में वापस आ जाएगा। इन सबसे विकास कार्यों पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी, पानीपत।