पानीपत। गेहूं का सीजन समाप्त होने के बाद जिले में अब धान की बिजाई शुरू हो गई है। धान रोपाई के लिए धान की नर्सरी के लिए किसानों द्वारा खेतों को तैयार किया जा रहा है। जिले में करीब 80 प्रतिशत कृषि क्षेत्र में बासमती धान की विभिन्न किस्मों की रोपाई की जाती है। धान के हाईब्रिड बीज 7501 की मांग जिले में न के बराबर रही है। हालांकि जिले में मांग अनुसार धान के बीज व खाद आसानी से उपलब्ध हो रहा है। किसानों की ओर से धान के बीज की कमी की कोई शिकायत नहीं मिली है। हालांकि प्रदेश के उत्तरी जिलों में हाइब्रिड बीज 7501 की कमी और किसानों को हुई परेशानी को देते हुए बीज वितरण पर कृषि विभाग नजर रखे हुए है।
कृषि विभाग के अनुसार पानीपत जिले में हर वर्ष 75 से 80 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की जाती है। इसमें से करीब 80 प्रतिशत क्षेत्र में किसानों का रूझान धान की बासमती किस्म पर होता है। धान की हाइब्रिड किस्म 7501 की मांग कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला, कैथल आदि जिलों में रही है। उक्त जिलों में धान के हाइब्रिड बीज की कमी देखी गई जिससे किसानों को परेशानी हुई लेकिन पानीपत जिले में किसानों को बीज की कमी की कोई समस्या नहीं हुई। किसानों जितेंद्र कुमार, दीपक शर्मा, सुरेंद्र पाल व बलबीर जागलान ने भी बताया कि बासमती की विभिन्न किस्मों का बीज दुकानों पर आसानी से उपलब्ध हो रहा है। उन्होंने धान की नर्सरी तैयार करने के लिए खेतों को तैयार करना शुरू कर दिया है। मई के दूसरे पखवाड़े में धान की नर्सरी के लिए धान की बिजाई की जाएगी।
15 जून के बाद शुरू होगी धान की रोपाई
जिले में धान रोपाई का कार्य 15 जून के बाद शुरू होता है। धान की नर्सरी तैयार होने में करीब 25 दिन का समय लगता है। वहीं, मानसून भी जून के अंतिम सप्ताह या जुलाई के प्रथम सप्ताह में आने की संभावना होती है। उसी के अनुरूप जिले के किसान धान की नर्सरी तैयार करते हैं। इन दिनों किसानों द्वारा धान की नर्सरी के लिए खेतों को तैयार किया जा रहा है।
धान के बीज की नहीं कमी
कृषि विभाग की ओर से धान के बीज की खरीद के लिए बनाए केंद्रों पर सरकारी बीज को बेचा जा रहा है। जिला पानीपत में फिलहाल पीआर 128 के, पीआर 114 पीआर 129, पीबी 1718, पीबी 1692, पीबी 1121, पीबी 1509 और सीआरएस 30 बीज उपलब्ध है। विभाग द्वारा मांग के आधार पर बीज की आपूर्ति भी करवाई जा रही है। इन सभी बीजों को 10 किलो की थैली में बेचा जा रहा है। किसान अपनी उपज के आधार पर बीज खरीद सकता है।
वर्जन -
जिले में करीब 80 प्रतिशत कृषि क्षेत्र में बासमती की विभिन्न किस्मों के बीज की मांग होती है जिसे किसान निजी खरीद केंद्रों से खरीद करते हैं। धान की हाइब्रिड किस्म 7501 की मांग करनाल, कुरुक्षेत्र, अंबाला, कैथल जिलों में अधिक होती है। जिले में धान के बीज की कोई कमी नहीं है, न ही किसी किसान की ओर से धान की बीज की कमी की कोई शिकायत मिली है। जिन किसानों ने बीज की मांग की थी, उन्हें बीज उपलब्ध करवाया गया है। जिले में इस समय डीएपी खाद की मांग है जिसका भरपूर स्टॉक विभाग के पास उपलब्ध है। किसानों को धान के बीज व खाद की कमी को लेकर कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- डॉ आदित्य डबास, उपनिदेशक, कृषि विभाग, पानीपत।