भारतीय किसान यूनियन ने कर्जदार किसानों की सूची सार्वजनिक करने पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है। भाकियू ने चेताया कि अगर प्रदेश सरकार ने आठ मई तक इस मामले को लेकर माफी नहीं मांगी तो पानीपत में भाकियू के बैनर तले नौ मई को प्रदेश स्तरीय प्रदर्शन करने के साथ-साथ सीएम का पुतला फूंका जाएगा।
भारतीय किसान यूनियन की प्रदेश स्तरीय बैठक वीरवार को किसान भवन में प्रदेशाध्यक्ष रतन मान की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार डिफाल्टर किसानों की सूची सार्वजनिक कर किसान समुदाय को अपमानित कर रही है। जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता।
मान ने कहा कि विजय माल्या जैसे लोग हजारों करोड़ों का कर्ज लेने के बाद देश की सरकार को आंख दिखा रहे हैं, लेकिन मामूली सा कर्ज लेने वाले किसानों को कई तरीकों से सरकार प्रताड़ित करने का काम कर रही है। किसान पंचायत ने शुगर मिलों में बकाया पड़ी पेमेंट जल्द दिलवाने, गेहूं की फसल का कम उत्पादन होने की वजह से 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस, पशु मेलों पर लगाई गई पाबंदी हटाने, नहरी पानी चोरी को रोकने, मनरेगा को कृषि से जोड़ने सहित कई मांगें रखी।
इस अवसर पर प्रदेश उपाध्यक्ष बिल्लू खांडा, प्रेमचंद शाहपुर, प्रदेश प्रधान महासचिव सुरेश दहिया, महासचिव विजय मेहता, संगठन सचिव डॉ. श्याम सिंह मान, सचिव गुरमुख सिंह, पानीपत जिलाध्यक्ष जयकरण कादियान, उपाध्यक्ष बिंटू मलिक, जिला महासचिव प्रेम सिंह देशवाल, करनाल जिला संरक्षक महताब कादियान आदि थे।