माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) कार्यालय में वीरवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब कर्मचारियों को दफ्तर के भीतर एक अलमारी के पीछे कबर बिज्जू का कुनबा दिखाई दिया। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना वन्यजीव विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन्यजीव विभाग और वंदे मातरम् दल की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मादा कबर बिज्जू और उसके नवजात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाद में सभी को सुरक्षित प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
अलमारी के पीछे बच्चों के साथ मिली मादा
जांच के दौरान टीम को अलमारी के पीछे मादा कबर बिज्जू अपने नवजात बच्चों के साथ मिली। माना जा रहा है कि शांत, अंधेरी और अपेक्षाकृत सुरक्षित जगह होने के कारण मादा ने अलमारी के पीछे अपना ठिकाना बनाया और वहीं बच्चों को जन्म दिया। नवजात बच्चों के होने के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण था।
रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक अभियान चलाते हुए बिना किसी जीव को नुकसान पहुंचाए सभी को सुरक्षित पिंजरे में पहुंचाया। इसके बाद वन्यजीव विभाग की निगरानी में उन्हें अंबाला के सुरक्षित प्राकृतिक वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
जीव दिखे तो खुद पकड़ने की कोशिश न करें
वंदे मातरम् दल के संस्थापक भरत ने बताया कि कबर बिज्जू एक शक्तिशाली और मुख्य रूप से रात में सक्रिय रहने वाला स्तनधारी जीव है। खतरा महसूस होने पर यह आक्रामक हो सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि रिहायशी या सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे वन्यजीव दिखाई देने पर उन्हें घेरने, पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। तुरंत वन्यजीव विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि जीव और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
जीव को जानें
कबर बिज्जू मुख्य रूप से हनी बैजर या इंडियन रैटल नाम का एक अत्यंत साहसी और मांसाहारी स्तनधारी जीव है। ग्रामीण इलाकों में इसे अक्सर कब्र खोदने वाला जीव माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह एक वन्यजीव है जो अपने मजबूत पंजों से जमीन खोदने में माहिर होता है।