फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों ने समारोह में अनदेखी के लगाए आरोप

Tue, 28 Jan 2025 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

पानीपत। गणतंत्र दिवस पर जिला स्तरीय समारोह में स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों की अनदेखी की बात सामने आई है। आरोप है कि प्रशासन द्वारा उनको निमंत्रण तो दिया लेकिन उनको मंच पर पहुंचने के लिए कर्मचारियों का मानमनोव्वल करना पड़ा। उनको बड़ी मुश्किल से मंच पर जगह मिल पाई। प्रशासन ने यहां उनका सम्मान तक नहीं किया। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाली 41 विभूतियों को सम्मानित किया गया।

गणतंत्र दिवस पर जिला स्तरीय समारोह में मुख्यातिथि विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण रहे। उन्होंने जिले की 41 विभूतियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यहां शिक्षा के क्षेत्र में आर्य कालेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता, डिप्टी जिला अटार्नी कुलदीप ढुल, असिस्टेंट सेनेटरी इंस्पेक्टर ओम को सम्मानित किया।
विज्ञापन


फैला उजियारा फाउंडेशन की प्रदेशाध्यक्ष रंजीता कौशिक, निगम के जेई अजय छौक्कर और सुरेंद्र, राजकीय कॉलेज वैसर से शिक्षिका रिचा गुप्ता, ड्रग कंट्रोल ऑफिसर विजय राजे, रेलवे स्टेशन अधीक्षक धीरज कपूर, सविता को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान, एफएसएल इंचार्ज नीलम आर्य को सम्मानित किया। शिकायत शाखा से सुरेश कुमार, एएसआई रूपेश कुमार, थाना प्रभारी विनोद कुमार, डॉ. विजय, सीमा भारती, वैद्य किशन लाल मधुरा, टीम फ्लाइंग क्लब ट्रस्ट व एडवोकेट आशु नंदा को सम्मानित किया। डॉ. वैभव गुलाटी, तिलक, सुनील कुमार, संदीप कुमार, कृष्ण कुमार, संजय कुमार, दीपिका धवन, एएसआई दिनेश कुमार, राजीव भाटिया, शंभु लखीना, वेद पाराशर, मुकेश तलवार, अश्वनी शर्मा, सीआईडी इंचार्ज संजय कुमासर, मास्टर नरेश कुमार, कविता बंसल व पैरालंपिक नवदीप को सम्मानित किया।

इधर लोगों ने लगाए अनदेखी के आरोप : सेक्टर-11 निवासी कश्मीर सिंह ने बताया कि वे 26 जनवरी और 15 अगस्त को त्योहार के रूप में मनाते हैं। उनको हर साल समारोह को लेकर निमंत्रण दिया जाता है। वे गणतंत्र दिवस पर समारोह में मंच पर जाने लगे तो उनको रोक दिया गया।

उन्होंने विनती कर मंच पर बैठना पड़ा। प्रशासन द्वारा उनको सम्मानित नहीं किया। शीशा सिंह ने बताया कि उनके पिता हजारा सिंह को सम्मानित किया जाता था। उनका 2008 में निधन हो गया। इसके बाद वे समारोह में पहुंचते हैं। पिछली बार घर पर सम्मानित किया गया था।
विज्ञापन


इस बार न तो घर पर कोई नहीं पहुंचा और न समारोह में सम्मानित किया। रमेश लांबा ने बताया कि उनके पिता संतराम लांबा की जगह उनको सम्मानित मिलता था। गणतंत्र दिवस समारोह पर उनकी अनदेखी की गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें