फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सपोर्टरों की खरीद लिमिट का विवाद खत्म, धान खरीद शुरू

Sun, 17 Nov 2013 11:54 PM IST
पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
धान खरीद को लेकर एक्सपोर्टरों की लिमिट आठ करोड़ की तय करने के बाद अनाज मंडी में पैदा हुआ विवाद रविवार को खत्म हो गया। इस मामले में रूठे आढ़तियाें को भी मना लिया गया।
विज्ञापन


विवाद खत्म होने के बाद रविवार को मंडी में धान की खरीद शुरू हो गई। विवाद खत्म होने का असर धान के भाव पर भी दिखा। बासमती धान के भाव में 550 रुपये क्विंटल और मुच्छल और 1121 किस्म में 400-400 रुपये प्रति क्विंटल का उछाल दर्ज किया गया।

रविवार को आढ़ती एसोसिएशन की बैठक मंडी प्रधान विनय गुप्ता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में धान खरीद पर विस्तार से चर्चा की गई और धान खरीद से असंतुष्ट कुछ आढ़तियों को मनाया गया। बैठक में बताया गया कि धान खरीद में एक्सपोर्टर की आठ करोड़ रुपये की लिमिट किसान, मजदूर व आढ़तियों के लिए फायदेमंद है।
विज्ञापन


अगर खरीद के बाद धान का पैसा नहीं आएगा तो किसान और मजदूरों को पैसा कहां से दिया जाएगा। धान का भुगतान आए बिना आढ़तियों की आर्थिक व्यवस्था पर भी बुरा असर पड़ता है।

इसलिए मंडी में सभी आवश्यक व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ नियम और शर्तें होना और लागू करना जरूरी है। बैठक में कहा गया कि मंडी में लागू कोई भी नियम किसी एक व्यक्ति द्वारा नहीं, बल्कि सभी आढ़तियों की सहमति से लागू किए गए हैं।

इसलिए मंडी के  व्यापार को समुचित तरीके से चलाने के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता है। बैठक के बाद मंडी प्रधान विनय गुप्ता ने बताया कि किसी भी आढ़ती में कोई मतभेद नहीं हैं।

सभी एकजुट हैं। एक्सपोर्टरों की ओर से भुगतान शुरू किया जा चुका है। बैठक में उप प्रधान राजेश ढांडा, कृष्ण देशवाल, बिजेंद्र मान, श्यामलाल बंसल, जगदीश बंसल, कृष्ण बंसल व बलवान हुड्डा समेत अनेक आढ़ती मौजूद थे।

बासमती के रेट में 550 रुपये का उछाल
एसोसिएशन की बैठक के बाद कुछ एक्सपोर्टर धान खरीद पर लौट गए। रविवार को मंडी में बासमती 5,300 से बढ़कर 5,850 रुपये, मुच्छल धान 3,800 रुपये से बढ़कर 4200 रुपये और 1121 धान 4000 रुपये से बढ़कर 4,400 क्विंटल रुपये तक पहुंच गई है। इससे किसानों के चेहरों से खोई हुई रौनक फिर से लौट आई।

मंडी में मजदूरों की हड़ताल, तीन घंटे बाद लौटे
अनाज मंडी में एक आढ़ती के सफाई कर्मचारी की ओर से जीरी भराई करने वाले एक प्रवासी मजदूर पर  हमला किए जाने के विरोध में मंडी के तमाम प्रवासी मजदूरों ने हड़ताल कर दी।

मामला मंडी प्रधान विनय गुप्ता के पास पहुंचा और आढ़तियों की बैठक कर फैसला लिया गया कि घायल मजदूर के इलाज का तमाम खर्च और घायल होने पर काम न बन पाने की सूरत में आठ से दस हजार रुपये मजदूरी के तौर पर एसोसिएशन की ओर से दिए जाएंगे।
विज्ञापन


इतना ही नहीं एसोसिएशन की ओर से 2100 रुपये नकद घायल मजदूर को मौके पर ही देकर दोनों पक्षों में आपसी राजीनामा करवाया गया। इसके बाद मजदूर काम पर लौटे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें