अमर उजाला एक्सक्लूसिव
जितेंद्र नरवाल
पानीपत। हाउसिंग बोर्ड और बिजली निगम की लापरवाही से करोड़ों रुपये की जमीन पर तीसरे ने कब्जा कर लिया। जमीन के एक टुकड़े पर दोनों विभाग अपना दावा कर रहे हैं, लेकिन उनके पास जमीन के कागजात नहीं हैं। दोनों विभाग जमीन पर हक के लिए कार्रवाई के लिए भी लिखते हैं, लेकिन इसका फायदा कोई और ही उठा ले गया। जमीन पर किसी प्रापर्टी डीलर का कब्जा बताया जा रहा है। अब बिजली निगम ने जमीन से कब्जा हटाने के लिए पुलिस को पत्र लिखा है।
करीब एक हजार गज की जमीन पर तीसरा पक्ष कब्जा कर रजिस्ट्री तक करवा लेता है। हालांकि हाउसिंग बोर्ड जालसाजी से करवाई गई इस रजिस्ट्री को आठ साल पहले कैंसल करवाने में कामयाब रहा, लेकिन आज तक इस जमीन से कब्जा नहीं हट पाया। उधर, बिजली निगम जमीन पर कब्जा हटवाने के लिए हाउसिंग बोर्ड पदाधिकारियों को कार्रवाई के लिए कह रहा है।
यह है मामला
वर्ष 1988 में सेक्टर-11 स्थित न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में हाउसिंग बोर्ड ने करीब एक हजार गज जमीन, जिसका प्लाट नंबर 1809-1810 है, बिजली निगम को अलॉट की। यहां सब स्टेशन बनाया गया करीब दस साल बाद सब स्टेशन के ट्रांसफार्मर में आग लग गई, जिसके बाद इमारत को जर्जर घोषित कर दिया गया। यहां के कर्मचारियों ने पास के ही ट्यूबवेल के कमरे में कंप्लेंट सेंटर बना लिया। वर्ष 2019 में इस जमीन पर दोबारा कंप्लेंट सेंटर बनाने के लिए करीब चार लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार किया गया। मौका मुआयना करने पर चाहरदीवारी बनाकर कब्जा किया हुआ मिला। बिजली निगम ने हाउसिंग बोर्ड को पत्र लिखा, जिस पर पता चला कि आठ साल पहले किसी ने फर्जीवाड़ा कर इस जमीन की रजिस्ट्री करा ली थी, जिसे कैंसल करा दिया गया। लेकिन जमीन पर रजिस्ट्री कराने वाले का कब्जा वर्तमान में भी देख सनौली रोड सब डिविजन के एसडीओ ने हाउसिंग बोर्ड को पत्र लिखकर कब्जा धारी पर कार्रवाई करने की मांग की, लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
विभाग की लापरवाही से करोड़ों की जमीन पर हुआ कब्जा : एएचपीई
ऑल हरियाणा पॉवर कारपोरेशन वर्कर्स यूनियन के सिटी यूनिट के प्रधान जितेंद्र सैनी ने बताया कि आज भी वहां निगम का ट्रांसफार्मर हैं। अगर जल्द ही इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो इसके खिलाफ आंदोलन तक किया जाएगा।
हाउसिंग बोर्ड से एसेंशियल सर्विस के लिए भूमि बुक की थी। इसमें बिजली निगम भी दायरे में आता है। अब इस पर कार्रवाई के लिए पुलिस को पत्र लिखकर डीएसपी को अवगत कराया गया है।
- रामेंद्र मलिक, एसडीओ, सनौली रोड सब डिविजन, पानीपत।