संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। संत निरंकारी समागम के लिए सेवादार पूरी निष्ठा से अपना दायित्व निभा रहे हैं। चाहे वह बाहर पहुंचने वाली संगत को उनके क्षेत्र के बने पांडालों में ले जाने की हो या फिर भूले को रास्ता दिखाने की हो। छोटे से लेकर बुजुर्ग तक हर सेवादार निस्वार्थ भाव से धूप हो या छांव हाथ जोड़ नम्रता सेवा में लगा हुआ है। वहीं महिलाएं व बच्चे पंडाल के अंदर बिछाए गए मैट को सुए और प्लास्टिक की रस्सी से सी रही है। जिससे आने वाले श्रद्धालुओं के पैरों में किसी तरह की परेशानी ना हो। निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर हजारों की संख्या में पहुंच रहे हैं। समागम स्थल के नजदीक बने भोड़वाल माजरी गांव के रेलवे स्टेशन पर संगत का पहुंचने का नजारा व सेवादारों द्वारा अभिनंदन कर मार्गदर्शन किया जा रहा है। मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव होने के कारण श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं हो रही है। स्टेशन के बाहर आते ही समागम का द्वार शुरू हो जाता है। सेवादारों द्वारा ट्रैक्टर-ट्राली द्वारा उनके गंतव्य पर पहुंचाया जा रहा है।