पानीपत। मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। तीन दिन पहले हुई बारिश के बाद तापमान में थोड़ी कमी आई है। अब सुबह शाम की ठंड लोगों को बीमार कर रही है। ऐसे में शहर वायरल की चपेट में आ रहा है। अचानक स्वास्थ्य केंद्रों में बुखार, खांसी, जुकाम, छाती रोग संबंधी ओपीडी बढ़ गई है। पिछले पांच दिनाें में मेडिसिन ओपीडी में एक हजार से ज्यादा और बाल रोग ओपीडी में 750 से ज्यादा रोगी पहुंच चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि उपरोक्त मरीजों में हर दूसरा से तीसरा मरीज संक्रमण की चपेट में है। संक्रमण के चलते लोग बुखार, बदन दर्द, नाक बंद व खांसी की चपेट में आ रहे हैं। इस साल अब तक स्वाइन फ्लू के भी आठ केस पॉजिटिव आ चुके हैं। डॉक्टरों का कहना है कि आम तौर पर इन्फेक्शन पांच दिन तक ठीक हो जाता है, लेकिन इस बार संक्रमण ठीक होने में एक सप्ताह से अधिक का समय लग रहा है। सोमवार काे जिला नागरिक अस्पताल में 950 पुराने व 1350 नए मरीज आए हैं।
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बच्चाें में भी बढ़ रहा संक्रमण
शिशु राेग विशेषज्ञ डाॅ. आलाेक जैन ने बताया कि बाल ओपीडी 40 प्रतिशत तक बढ़ गई है। 10 दिन पहले बाल रोग ओपीडी 70-100 के बीच थी। अब यह 150 तक पहुंच गई है। अधिकांश बाल रोगियों में संक्रमण मिल रहा है। बच्चों की छाती में कफ जमा हो जाती है। छोटे बच्चे खांसी के दौरान बलगम बाहर नहीं फेंक पाते। इसलिए बच्चों को न्यूबीलाइज (भांप देना) करना पड़ता है। दिन का तापमान सामान्य होता है और रात के तापमान में कमी आने के कारण उनके परिजन बच्चों को सर्दी के कपड़े पहनाने में लापरवाही बरत रहे हैं। इससे बच्चों को भी संक्रमण जकड़ रहा है।
डाॅक्टराें के सुझाव...
- बासी भोजन न करें
- इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजें खाएं ।
- तबीयत बिगड़ने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें ।
- भीड़ भाड़ वाले क्षेत्र में मास्क लगाकर रखें ।
- ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं।
- कम मसालों का भोजन करें ।
- हल्का व पौष्टिक भोजन खाएं।
- जंक फूड खाने से परहेज करें ।
गर्म कपड़े पहनना न छोड़ें : डॉ. कौर
फिजिशयन डॉ. जैसमीन कौर ने बताया कि संक्रमण बढ़ने का मुख्य कारण मौसम में उतार चढ़ाव है। हल्की लापरवाही लोगों को बीमार कर रही है। इस माैसम में खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों व गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखना होगा, क्योंकि यह श्रेणी ज्यादा संवेदनशील होती है और इनको कोई भी संक्रमण तेजी से संक्रमित करता है। भोजन में पौष्टिक आहार को शामिल करें, ताकि शरीर का इम्युनिटी लेवल बढ़ा रहे। अभी गर्म कपड़े पहनना न छोड़ें।