पानीपत। विपक्ष ने सिटी सरकार के छह माह में ही मेयर के खिलाफ अविश्वास के लिए कांग्रेस समर्थित पार्षदों को खड़ा करने के बाद अब उन पर नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देने का दबाव डालना शुरू कर दिया है।
विपक्ष का दावा है कि कांग्रेस समर्थित आठ के अलावा तीन अन्य पार्षद भी उनके संपर्क में हैं और समय आने पर उनको भी सामने लाकर खड़ा कर देंगे। विपक्ष ने सरकार को खुले रूप से किसी भी दांवपेंच का करारा जवाब देने की चेतावनी दी है। विपक्ष के इस दावे और चेतावनी के बाद शहर की सरकार और विधायक की चिंता बढ़ गई है।
भाजपा और इनेलो समेत एक निर्दलीय पार्षद ने बुधवार को स्काई लार्क में बैठक की और मेयर के मामले को सबके सामने रखा। वार्ड-24 के पार्षद दुष्यंत भट्ट ने कहा कि मेयर भूपेंद्र सिंह के खिलाफ 17 पार्षद हैं, जबकि उनके खिलाफ 16 या एक तिहाई पार्षदों के खिलाफ में खड़े होने पर इस्तीफा बनता है।
भूपेंद्र सिंह मेयर इतना कुछ होने के बावजूद कुर्सी पर बने हैं। उनको नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देकर मेयर के चुनाव को लेकर सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके साथ कांग्रेस समर्थित आठ के अलावा तीन अन्य पार्षद भी हैं। वे इन पार्षदों का अभी नाम नहीं खोलना चाहते और समय आने पर इन तीनों को भी मेयर के खिलाफ खड़ा कर देंगे। इस मौके पर पार्षद अशोक कटारिया, संजीव दहिया, लोकेश नांगरू, सतीश सैनी, हरीश शर्मा, अशोक नारंग, राजकुमार पाहवा और सुरेंद्र रेवड़ी मौजूद रहे।
दुष्यंत भट्ट ने बताया कि मेयर भूपेंद्र सिंह को नगर निगम कार्यालय के हर कर्मचारी में भ्रष्टाचार नजर आता है। वे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तक को पकड़ लेते हैं। इसके विपरीत शहर की सड़कों पर हो रहा भ्रष्टाचार मेयर को नजर नहीं आ रहा। वे कई बार सड़कों की विजिलेंस जांच कराने की मांग कर चुके हैं। लेकिन उनकी मांगों को अनदेखा कर दिया जाता है।
भाजपा पार्षद दल के नेता दुष्यंत भट्ट ने कहा कि मेयर विधायक के कहने पर काम कर रहे हैं। उनको शहर के विकास से कोई लेना-देना नहीं है। मॉडल टाउन की लाल टंकी मार्केट में लिफ्ट लगाने का मामला है। उन्होंने विधायक और उनके पुत्र के इशारे पर लिफ्ट लगाने की मंजूरी दे दी।
पार्षद हरीश शर्मा ने बताया कि कुछ लोग उनको जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और उनको अपनी जान की चिंता सता रही है। उसने शहर विधायक समेत कई नजदीकी लोगों पर इसके आरोप लगाए और एसपी से मिलकर मामला दर्ज कराने की मांग करने की कही। हरीश शर्मा ने बताया कि उसने डेयरी और ई-टेंडरिंग घोटाले और विकास के मुद्दे को उठाया था। उनके खिलाफ आठ साल में छह मामले दर्ज कराए हैं।
वार्ड-नौ की पार्षद रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी ने बताया कि विपक्ष का काम शहर की आवाज को उठाना है और विपक्ष ने कानून के दायरे में रहकर तीन जनवरी को धरना दिया। डिप्टी मेयर सीमा पाहवा और पार्षद रोहिता रेवड़ी मेयर को अपनी मांग रखने गई। वहां पर मेयर ने उनके साथ बदसलूकी की और उनको कार्यालय से बाहर जाने की धमकी दी। वे इसको लेकर महिला आयोग में शिकायत करेंगी। वे शहर विधायक के खिलाफ मामला भड़काने के आरोप में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखेंगे और भाजपा विधानसभा सत्र में भी इस मामले को उठाएगी।
वार्ड-18 के भाजपा संजीव दहिया ने बताया कि उसके वार्ड के शोदापुर में करोड़ों का विकास होना था और मेयर भूपेंद्र सिंह और मुकेश टुटेजा ने एक जुलाई को नारियल तोड़ा था। यहां पर विकास कार्य भी शुरू हो गया। लेकिन मेयर ने कुछ दिनों के बाद काम बंद करा दिया। इससे वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेस समर्थित पार्षद मंजू कादियान ने एक बार फिर मेयर भूपेंद्र सिंह पर हमला बोल दिया है। मंजू कादियान ने कहा कि उनके वार्ड के विकास नगर की 11 से 20 नंबर तक गली की हालात खस्ता है। यहां पर आज तक पांच ईंट तक नहीं लगी हैं। वे विकास को लेकर कई बार मेयर से मिले हैं। लेकिन उनको हर बार अनसुना कर दिया।
विपक्ष का कहना है कि भूपेंद्र सिंह की मेयर की कुर्सी जानी तय है। नगर निगम के अधिनियम 37 के तहत दो तिहाई पार्षदों का प्रस्ताव पास होते ही मेयर को अपनी कुर्सी छोड़नी होती है। यह बात नहीं मानी जाती है तो अधिनियम 75 के तहत वोटिंग में एक तिहाई पार्षदों का विपक्ष में खड़ा होना जरूरी है।